Ranchi

सरकार की तानाशाह नीतियों के खिलाफ 25 जुलाई को यूथ कांग्रेस का विधानसभा घेराव 

Ranchi:  मोदी और रघुवर सरकार की तानाशाह नीतियों और आदिवासियों के मुद्दों को लेकर झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस आगामी 25 जुलाई को मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेगी.

इस दौरान पार्टी राज्य सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी. और सरकार के साथ-साथ लोगों को याद दिलायेगी कि पांच साल पहले बीजेपी जिन वादों के साथ सत्ता में आयी थी, उसे पूरा करने में वो असफल रही है.

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युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव ने प्रेस वार्ता में विधानसभा घेराव की जानकारी दी. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष, सीएलपी लीडर, युवा कार्यकर्ता, सहित हजारों से ज्यादा प्रदर्शनकारी विरोध-प्रदर्शन में भाग लेंगे.

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विरोध-प्रदर्शन में सरकार की तानाशाह नीतियों, बिजली और पानी की समस्याओं, आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन और सरना कोड, मॉब लिचिंग, सहित सरकारी नवरत्न कंपनियों का ‘प्राइवेटाइजेशन’ जैसे मसलों को प्रमुखता से शामिल रहेंगे.

पीएसयू का मोदी सरकार कर रही प्राइवेटाइजेशन

कुमार गौरव ने कहा कि कांग्रेस की सरकार विशेषकर पूर्व पीएम नेहरू के कार्यकाल में देशहित में कई पीएसयू बनाये गये थे. मोदी सरकार आज इसका पूरी तरह से प्राइवेटाइजेशन करने जा रही है.

ऐसी कंपनियों में बोकारो स्टील प्लांट, एचईसी, दामोदर वैली कॉर्पोरेशन और बीएसएनल प्रमुख है. बीएसएनएल के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इसकी संपत्ति करीब 3000 करोड़ रूपये है.

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जबकि इसके प्राइवेटाइजेशन करने से सरकार को केवल 1500 से 2000 करोड़ रूपये के बिड आएंगे. रेलवे के निजीकरण करने से वहां के कई कर्मचारी सड़क पर आ जायेंगे.

फिर भी केंद्र की मोदी और राज्य के रघुवर सरकार खामोश है. इस दौरान उन्होंने 24*7 बिजली देने और आदिवासी सरना कोड लागू नहीं करने के वादों को लेकर भी सीएम रघुवर पर हमला बोला.

राजधानी बना मॉब लिंचिंग का केंद्र

युवा अध्यक्ष ने बताया कि पूरे देश में राज्य की चर्चा मॉब लिंचिंग को लेकर है. झाऱखंड आज मॉब लिंचिंग का कैपिटल बन गया है. उक्त घटना को किसी धर्म और समुदाय से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.

कमजोर कानून व्यवस्था का ही यह परिणाम है कि आज कोई व्यक्ति किसी से अपनी दुश्मनी निकालने के लिए भीड़ की शक्ल में मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम दे रहा है. स्थिति को देख झारखंड हाईकोर्ट को इसपर संझान लेना पड़ा है.

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के कथित रूप से घूस लेने वाले वीडियो को लेकर कहा कि वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को सरकार ने गिरफ्तार कर लिया. जबकि होना यह चाहिए था कि मामले की जांच सरकार कराती. पूरा मामला सरकार की तानाशाह रवैये को साफ तरीके से उजागर करता है.

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