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शहरों में राजस्व वसूली के लिए अब ज्यूडको लगायेगी जोर

ज्यूडको में बनी पीएमयू, वसूली बढ़ाने को लेकर होगी नियमित बैठकें

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Ranchi : झारखंड के शहरों में राजस्व वसूली के लिए अब झारखंड शहरी आधारभूत संरचना विकास कंपनी लिमिटेड (ज्यूडको) जोर लगायेगी. नगर विकास विभाग की एजेंसी ज्यूडको लिमिटेड के स्तर पर राजस्व संग्रहण और उसका अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) किया जायेगा. इसके लिए बनायी गयी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) को राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के अधीन रखा जायेगा. ज्यूडको के अधिकारियों का मानना है कि शहरी स्थानीय निकायों, नगर निगम तथा अन्य शहरों की नगर पंचायतों में राजस्व की वसूली कम हो रही है. ज्यूडको की तरफ से राजस्व वसूली के सभी मुख्य स्रोतों की पहचान कर वसूली में आ रही कमी को दूर किया जायेगा. ज्यूडको के अधिकारी राजस्व वसूली को बढ़ावा देने के लिए योजना तैयार करेंगे. इतना ही नहीं, वार्षिक और मासिक आधार पर लक्ष्य निर्धारित किया जायेगा. निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने और उसके नियमित रूप से मॉनिटरिंग के लिए प्रमंडलवार राजस्व संग्रहण की समीक्षा भी ज्यूडको की तरफ से की जायेगी. समीक्षा की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजकर उसे सर्टिफाई भी किया जायेगा.

स्थानीय निकायों में चल रही हैं कई योजनाएं

झारखंड के स्थानीय निकायों में अमृत योजना, जलापूर्ति (अमृत शहर) और स्वच्छ भारत मिशन की योजनाएं चलायी जा रही हैं. इन योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ राजस्व वसूली को तेज करने का काम राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) की तरफ से भी किया जा रहा है. सरकार ने इन तमाम चीजों को ध्यान में रखकर गठित पीएमयू को सूडा के अधीन करने का फैसला लिया है. उदाहरण के तौर पर रांची नगर निगम में राजस्व वसूली सालाना पांच करोड़ रुपये से अधिक है. इसमें जल कर, सफाई कर, पेशेवर कर, होल्डिंग और अन्य राजस्व से जुड़े अवयव हैं. इसकी वसूली नगर निगम की तरफ से नियुक्त एजेंसी स्पैरो के माध्यम से की जा रही है.

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