JharkhandLead NewsRanchiTOP SLIDER

पिता के कंधों पर निकली जज उत्तम आनंद की अर्थी, रो पड़ा हजारीबाग

Hazaribag: धनबाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आंनद की विदाई में हजारीबाग रो पड़ा. उनका अंतिम संस्कार खीरगांव स्थित मुक्तिधाम में किया गया. बेटे और बेटियों के छोटे होने की वजह से उनके पिता सदानंद प्रसाद ने उन्हें मुखाग्नि दी. बुजुर्ग पिता ने पुत्र की अर्थी को कंधा दिया तो वहां मौजूद लोग फफक उठे. अंतिम संस्कार में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.

इसे भी पढ़ें : जज उत्तम आनंद मौत मामलाः हाईकोर्ट ने डीजीपी को किया तलब, कहा-राज्य में क्या हो रहा है

उत्तम आनंद ने हजारीबाग से ही स्कूल की पढ़ाई की थी और उन्होंने यहां सिविल कोर्ट में कुछ सालों तक बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस भी किया था. इस वजह से यहां उनके बड़े सामाजिक सरोकार थे.  हजारीबाग में हर जुबां पर यही चर्चा है कि उनकी साजिश के तहत हत्या की गयी है. इस मामले में कसूरवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

advt

उनके अंतिम संस्कार में कई आईएएस और आईपीएस ऑफिसर भी शामिल हुए. साथ ही हजारीबाग के सभी न्यायिक पदाधिकारी भी मौजूद रहे. वहीं जिला व सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार राय और रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार उनके घर पहुंचकर परिजनों का ढाढस बंधाया. पटना स्थित ससुराल से भी उनके कई रिश्तेदार पहुंचे हुए थे. इनके अलावा पूर्व सासंद भुनेश्वर प्रसाद मेहता,बीजेपी नेता बटेश्वर प्रसाद मेहता,कांग्रेस से जयशंकर पाठक के अलावा बार एसोशिएसन के अध्यक्ष मिथलेश कुमार सिंह समेत अन्य पदाधिकारी व अधिवक्ता शवयात्रा में शामिल हुए.

इससे पहले जज उत्तम आनंद के अंतिम दर्शन के लिए उनके हजारीबाग के शिवपुरी स्थित आवास पर उनके शुभेच्छुओं का सुबह से ही आगमन होता रहा. कल देर रात उनका पार्थिव शरीब धनबाद से हजारीबाग लाया गया था.

adv

होक्सा के मीडिया प्रभारी विजय जैन ने बताया कि जज साहब संत जेवियर्स स्कूल हजारीबाग के वर्ष 1987 बैच के छात्र थे. उनके निधन पर होक्सा परिवार ने भी गहरा शोक जताया है और उनकी साजिश के तहत की गई हत्या का जल्द पर्दाफाश करने की सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है.

इसे भी पढ़ें : थर्ड वेव की आहट : केरल में कोरोना ने मचाया कोहराम, 31 जुलाई व 1 अगस्त को कंप्लीट लॉकडाउन

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: