JharkhandRanchi

#JREDA को नहीं मिल रहे सोलर पंप लेने वाले किसान, रुकी है कुसुम योजना, बढ़ रही परेशानी 

विज्ञापन
  • डीसी और जिला कृषि पदाधिकारियों को देनी थी लाभुकों की सूची
  • पूरी सूची उपलब्ध नहीं होने से सोलर पावर पंप की क्षमता तय नहीं हो पा रही

Ranchi: झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जरेडा) की ओर से राज्य में कृषक उर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना यानी कुसुम योजना का संचालन किया जा रहा है. योजना केंद्र प्रायोजित है, जो साल 2019 में ही शुरू की गयी.

केंद्र की ओर से साल 2019-20 के लिए दो हजार कृषक सोलर पंप योजना के तहत कृषकों को दिये जाने थे. लेकिन वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है और जरेडा की परेशानियां बढ़ गयी है, क्योंकि एक भी लाभुक की जानकारी जरेडा के पास नहीं है. और न ही कोई इसमें रूचि ले रहा है.

वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भी आने वाले महीने में जरेडा के पास केंद्र से लक्ष्य उपलब्ध होगा. ऐसे में पूर्व के लक्ष्य पूरा नहीं होने से परेशानी बढ़ गयी है.

advt

राज्य में यह योजना उर्जा विभाग के दिशा-निर्देश पर संचालित की जा रही है. जरेडा इसकी नोडल एजेंसी है.

सोलर पंप के लिये जरेडा की ओर से जिन एजेंसियों को काम दिया गया, वो भी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि लाभुक को कितने पावर का सोलर पंप दिया जाना है क्योंकि लाभुकों की बोरिंग या कुएं की क्षमता के अनुसार ही लाभुकों को सोलर पंप दिये जाने हैं.

इसे भी पढ़ें : #Palamu: शौचालय निर्माण में घोटाले में शोकॉज का जवाब नहीं देने पर पांकी के ब्लॉक कोर्डिनेटर बर्खास्त

लाभुकों की सारी जानकारी डीसी और डीएओ जरेडा को देते

मार्च 2019 में उर्जा विभाग के निर्देशानुसार जिला स्तर पर संबधित अधिकारी कमेटी गठित कर लाभुकों का चयन करते जिसके बाद जरेडा की ओर से सभी उपायुक्तों को पत्र लिख कर जिलावार सोलर पंप के लाभुकों की जानकारी मांगी जाती.

adv

सभी जिलों के लिये केंद्र की ओर लक्ष्य पहले से ही तय थे. डीसी और जिला कृषि पदाधिकारी एक-एक लाभुक की पूरी जानकारी जरेडा को उपलब्ध कराते, जिसके बाद जरेडा लाभुकों को सोलर पंप देती.

लेकिन वर्तमान में सिर्फ हजारीबाग से ही लाभुकों की जानकारी जरेडा के पास है. लेकिन हजारीबाग जिला प्रशासन की ओर ओर से सिर्फ प्रखंडवार लाभुकों की संख्या दी गयी है. जबकि प्रत्येक लाभुक की पूरी जानकारी जरेडा को देनी थी.

अन्य जिलों से ये सूची भी उपलब्ध नहीं करायी गयी. जरेडा के पास लाभुकों की सूची न होने से न सिर्फ जरेडा बल्कि एजेंसियों की भी समस्या बढ़ गयी है. बता दें कि इस येाजना के तहत तीस प्रतिशत अनुदान केंद्र और शेष अनुदान राज्य सरकार की ओर से दिया जाना है.

इसे भी पढ़ें : #NSC सर्टिफिकेट के जरिये बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले चार शातिर हुए गिरफ्तार

advt
Advertisement

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button