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JPSC: एक पेपर जांचने के लिए चाहिए 60 से अधिक टीचर, मेंस एग्जाम की कॉपी चेक करना बड़ी चुनौती

अगर मेंस ऑब्जेक्टिव हुआ तो अभ्यर्थियों के प्रशासनिक दक्षता का नहीं हो पायेगा आकलन

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Ravi Aditya

Ranchi: जेपीएससी के लिए मुख्य परीक्षा की कॉपी चेक करना बड़ी चुनौती बन गई है. 2 लाख 07 हजार 804 कॉपी चेक करने के लिये हर विषय पर 60 से अधिक टीचर की जरूरत होगी. अगर ऐसा हुआ तो मूल्यांकन के तहत अंक देने में समानता नहीं रहेगी. इससे मूल्यांकन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा हो सकता है.

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जेपीएससी ने मेंस एक्जाम के लिये जेनरल नॉलेज के तहत छह पेपर रखा है. पीटी में कुल 34,634 अभ्यर्थी सफल रहे हैं. अगर इतने अभ्यर्थी छह पेपर की परीक्षा दें तो कुल 207804 कॉपियां चेक करनी होंगी.

अगर ऑब्जेटिक्व परीक्षा ली गई तो भी चुनौती

सूत्रों के अनुसार, अगर मेंस में ऑब्जेक्टिव परीक्षा ली गई तो भी जेपीएससी के लिए बड़ी चुनौती होगी. ऑब्जेक्टिव में अभ्यर्थियों का रियल टेस्ट नहीं हो पायेगा. सिविल सेवा में मुख्य परीक्षा में सब्जेक्टिव के जरिये अभ्यर्थियों की प्रशासनिक दक्षता को आंका जाता है. ऑब्जेटिक्व में प्रशासनिक दक्षता की सही तरीके से जांच नहीं हो पायेगी.

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34,634 में से 815 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू के लिये होगा चयन

मुख्य परीक्षा में 34634 अभ्यर्थी शामिल होंगे. छठी जेपीएससी 326 पदों के लिए ली जा रही है. नियमत: एक सीट पर ढाई गुना अभ्यर्थियों का ही चयन होता है. इस हिसाब से लगभग 815 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए चयनित होंगे. 33819 अभ्यर्थी बाहर हो जायेंगे. कुल 950 अंकों की परीक्षा होगी. इंटरव्यू 100 नंबर का होगा.

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किस सेवा के लिए है कितने पद

झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा: 143
झारखंड राज्य वित्त सेवा: 104
शिक्षा सेवा: 36
सहकारिता सेवा: 09
सामाजिक सुरक्षा सेवा: 03
सूचना सेवा: 07
पुलिस सेवा: 06
योजना सेवा: 18

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