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कोर्ट में चल रहा मामला फिर भी JPSC ने जारी की इंटरव्यू की तारीख, छात्रों में आक्रोश

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Ranchi : छठी जेपीएससी का मामला हाइकोर्ट में लंबित है. इसके रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगी हुई है. इसके बाद भी झारखंड लोक सेवा आयोग ने मेंस का रिजल्ट प्रकाशित होने से पहले ही इंटरव्यू की तारीख 6 सितंबर को अपने वेबसाइट पर जारी कर दी है. जिसमें इंटरव्यू 20 नवंबर, 2019 से शुरू करने की बात कही गयी है.

इसे लेकर छात्रों में काफी आक्रोश है. छात्र तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि क्या जेपीएससी हाइकोर्ट से भी ऊपर है. जो वह कोर्ट के आदेश को भी अनदेखा कर रहा.

JPSC 1 और JPSC 2 का मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में है. छठी जेपीएससी का मामला भी कोर्ट में चल रहा है. इसे लेकर चार सितंबर को कोर्ट में सुनवाई भी की गयी. जिसमें रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक बरकरार रखा गया और इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 16 सितंबर तय की गयी.

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छठी जेपीएससी को लेकर क्या उठ रहे सवाल

  1. जब मामला हाइकोर्ट में है तो फिर कोर्ट का फैसला आने से पहले ही क्यों निर्णय ले रहा है जेपीएससी?

  2. क्या जेपीएससी को यह पहले से ही पता है कि कोर्ट का क्या आदेश आयेगा?

  3. अगर फैसले जेपीएससी अभ्यार्थियों के पक्ष में आता है तो छठी जेपीएससी की पूरी परीक्षा ही रद्द हो जायेगी. ऐसे में इंटरव्यू की तैयारी में जो खर्च होगा उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

  4. जेपीएससी के क्रियाकलाप से यह साफ होता है कि कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए जल्दबाजी में निर्णय लिया जा रहा है.

  5. बहुमत वाली मजबूत झारखंड सरकार को भी जेपीएससी पर अपनी मंशा स्पष्ट करनी चहिए. अखिर किसके इसारे पर विधि सम्वत कार्य जेपीएससी के द्वारा नहीं किया जा रहा है.

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जेपीएससी को लेकर क्या कहते हैं छात्र

जेपीएससी मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे छात्र अनिल पन्ना का कहना है कि जब छ्ठी जेपीएससी का मामला हाइकोर्ट में लंबित है, मुख्य परीक्षा के प्रकाशन पर रोक लगाया गया है और लगातार सुनवाई चल रही है तो फिर ऐसे में आयोग द्वारा जल्दबाजी में इंटरव्यू की तिथि घोषित करना उसकी गलत मंशा को उजागर करता है.

राजकुमार मिंज कहते हैं कि जेपीएससी के कैलेंडर में परीक्षाओं को क्रोनोलॉजिकल आर्डर में दिखाया गया है. साथ ही कैलेंडर पूरे वर्ष के लिए बनाया जाता है और इसमें पूरे वर्ष में संपन्न होने वाली परीक्षाओं का उल्लेख रहता है.

कैलेंडर में इंटरव्यू के डेट का उल्लेख नहीं रहता है क्योंकि इंटरव्यू का डेट मुख्य परीक्षा के बाद घोषित किया जाता है. ऐसे में जेपीएससी ने इंटरव्यू डेट निकालकर सारे नियम-कानून तोड़ दिये हैं. जो कि गलत है.

छात्र विनय कुमार कहते हैं कि छठी जेपीएससी का मामला कोर्ट में लंबित है और मुख्य परीक्षा पर स्टे लगा हुआ है. ऐसे में छठी जेपीएससी के लिए इंटरव्यू का डेट जारी कर देना क्या अदालत की  अवमानना नहीं है?

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क्या कहते हैं छात्र नेता तनुज खत्री

छात्रा नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता डॉ० तनुज खत्री ने झारखण्ड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि 6th जेपीएससी का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है. ऐसे में नियमों को ताक पर रखकर निर्णय लिया जा रहा है जो राज्य और छात्र हित में नहीं है.

जेपीएससी की कोई भी परीक्षा बिना विवादों के पूरी नहीं हो सकी है. जेपीएससी 1 और जेपीएससी 2 का मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में है. कई मामलों में कोर्ट ने जेपीएससी को कड़ी फटकार भी लगायी है. लेकिन जेपीएससी फिर भी मनमाने तरीके से फैसला ले रहा है.

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