न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्यपाल से मिले जेपीएससी अध्यक्ष,  विश्वविद्यालय शिक्षकों की प्रोन्नति से संबधित समस्याओं के समाधान का मिला निर्देश

  विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने कहा नियमावली पहले बननी चाहिए, नहीं तो बड़ी संख्या में शिक्षक प्रोन्नति लाभ से होंगे वंचित

86

Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी ने गुरुवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय शिक्षकों की प्रोन्नति पर चर्चा की गयी. लंबे समय में विश्वविद्यालय शिक्षकों के लंबित प्रोन्नति के बारे में राज्यपाल को जानकारी दी गयी. राज्य में 2008 से शिक्षकों की प्रोन्नति पर रोक लगी है. राज्यपाल को इस दौरान जानकारी दी गयी कि पिछले दिनों तीस शिक्षकों को प्रोन्नति दी गयी. वर्तमान में भी प्रक्रिया चल रही है. इस संबध में कुलसचिवों को पत्र भेजा गया है, जिससे कागजी कार्रवाई जल्द से जल्द की जायेगी. बुधवार को विश्वविद्यालय शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश में रहते हुए धरना प्रदर्शन किया. जिसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मामले की जानकारी दी गयी.

जल्द से जल्द प्रोन्नति देने का राज्यपाल ने दिया निर्देश

जेपीएससी अध्यक्ष से सारी जानकारी लेने के बाद राज्यपाल ने अध्यक्ष को निर्देश दिया कि शिक्षकों के प्रोन्नति से संबधित सभी समस्याओं को दूर किया जायें. जल्द से जल्द लंबित प्रोन्नति का लाभ शिक्षकों को दी जायें. राज्य में लंबे समय से विश्वविद्यालय शिक्षकों की प्रोन्नति पर रोक लगी हुई है.

पहले नियमावली बनायी जाये : विश्वविद्यालय शिक्षक संघ

SMILE

इस संबध में यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ हरिओम पांडेय ने कहा कि राज्य में 31 दिसंबर 2008 से प्रोन्नति नियामवली समाप्त कर दी गयी. तब से अब तक राज्य में प्रोन्नति संबधित कोई नियमावली नहीं है. पिछले दिनों जिन 30 शिक्षकों को प्रोन्नति दी गयी, उनकी प्रोन्नति तिथि 2008 के पहले की थी. राज्य में ऐसे मात्र चार सौ से पांच सौ शिक्षक होंगे. जबकि कुल शिक्षकों की संख्या लगभग पांच हजार है. वहीं प्रोफेसर पद पर बहुत कम ही शिक्षक बचे है. ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक प्रोन्नति नियमावली नहीं होने के कारण प्रोन्नति के लाभ से वंचित हो जायेंगे.

इसे भी पढ़ें – मेन रोड की सड़क पर पार्किंग वसूलने वाला निगम न्यूक्लियस मॉल के सामने क्यों नहीं वसूलता पार्किंग शुल्क

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: