Education & CareerJharkhandRanchi

जेपीएससी कैंडिडेट की ललकार, नियमावली में 12 मार्च से पहले सरकार करे सुधार

जन-आंदोलन करने को सड़कों पर उतरेंगे युवा

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के प्रतिभागियों ने राज्य सरकार से सिविल सेवा परीक्षा की नियमावली में सुधार किये जाने का आग्रह किया है. जेपीएससी द्वारा 7वीं से 10वीं सिविल सेवा परीक्षा के लिये जारी विज्ञापन में कई त्रुटियों का उल्लेख करते हुए इसे दूर किये जाने को भी कही है.

सफी इमाम, सहदेव महतो सहित कई अन्य अभ्यर्थियों के मुताबिक विधानसभा का महत्वपूर्ण सत्र चल रहा है. अगले 10 दिनों में सरकार जेपीएससी के विज्ञापन की विसंगतियों को दूर करें. वर्ना 12 मार्च से हजारों प्रतिभागी सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन में शरीक होंगे. सरकार जल्द से जल्द इस दिशा में पहल करे.

इसे भी पढ़ें : ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जायेगा, 60 हजार बच्चों को मिलेगी शिक्षा

जेपीएससी पर इन बिंदुओं को लेकर उठे सवाल

उम्र सीमा

छठी जेपीएससी परीक्षा में उम्र सीमा का कट-ऑफ 01-08- 2010 रखा गया था. इसी आधार पर पिछले वर्ष (फरवरी 2020) सातवीं से नवीं जेपीएससी की विज्ञप्ति में 01 अगस्त, 2011 की उम्र सीमा रखी गयी थी.

आरक्षण का प्रावधान नहीं होने के कारण इसे वापस ले लिया गया था. एक वर्ष के बाद (वर्ष 2021) उसी परीक्षा को सातवीं से दसवीं जेपीएससी के नाम पर विज्ञप्ति के जरिये निकाला गया है.

इसमें उम्र सीमा 2011 न करके 01-08-2016 कर दी गयी है. इससे हजारों अभ्यर्थियों को उचित अवसर नहीं मिल रहा और वे परीक्षा से वंचित हो जायेंगे. सरकार को उम्र सीमा में संशोधन करके इसे 01-08-2011 करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें : मोदी के टीके के साइड इफेक्ट

आरक्षण

जेपीएससी नयी नियमावली (क्रम 17 (2) में उल्लेख किया गया है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कुल रिक्तियों का 15 गुणा अभ्यर्थी को सफल किया जायेगा. मुख्य परीक्षा के लिए सभी वर्गों के लिये एक ही कट-ऑफ होगा.

मेंस परीक्षा में कट-ऑफ में आरक्षण व्यवस्था का जो प्रावधान है, वह आपत्तिजनक है. इससे ST,SC,OBC, ews को भारी नुकसान होने वाला है. इस वयवस्था से दूसरे राज्य के अभ्यर्थी ज्यादा से ज्यादा सफल होंगे. अभ्यर्थियो की मांग है पहली से चौथी जेपीएससी की तर्ज पर आरक्षण शर्तों को लागू किया जाये.

पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव

प्रशासनिक सेवा के 44 पदों के विरुद्ध पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को एक भी सीट नहीं दी गयी है. यह राज्य के एक बड़े वर्ग के साथ भेदभाव को दर्शाता है. सरकार को रोस्टर में आवश्यक सुधार करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें : फरवरी में निर्यात 0.25 प्रतिशत घट कर 27.67 अरब डॉलर पर, व्यापार घाटा बढ़ा

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: