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#JPSC आंदोलनकारी उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, 6ठी सिविल सेवा परीक्षा की त्रुटियों से कराया अवगत

Ranchi: 6ठी जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है.

उम्मीदवारों ने इस पत्र के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार के आदेश का उल्लंघन करते हुए जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) द्वारा संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2016 के प्रकाशित रिजल्ट में व्याप्त त्रुटियों से अवगत कराया है.

पत्र में उम्मीदवारों ने स्पष्ट लिखा है कि झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा 21 अप्रैल को संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2016 (छठी जेपीएससी) का फाइनल रिजल्ट जारी किया जाता है जिसमें कुल 326 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है.

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लेकिन, जब अभ्यर्थियों के द्वारा अपना मार्क्स-शीट देखा जाता है तो परीक्षा की कई त्रुटियां सामने आती हैं.

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छह विभिन्न मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराने की कोशिश

जेपीएससी परीक्षा परिणाम को लेकर आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का ध्यान रिजल्ट प्रकाशन में हुई त्रुटि, पूर्व के आदेश की अवमानना, विज्ञापन में आयोग की मनमानी आदि को लेकर छह विभिन्न मुद्दों पर आकृष्ट कराने की कोशिश की है.

पत्र के साथ उम्मीदवारों ने छठी जेपीएससी का सिलेबस, छठी जेपीएससी का विज्ञापन, क्वालिफाइंग पेपर को लेकर जेपीएससी बैठक की निर्णयप्रति, न्यूनतम अर्हतांक से कम अभ्यर्थियों का अंकपत्र के अलावा कई अहम दस्तावेज भी दिया है.

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पीटी के रिजल्ट के साथ ही शुरू हो गया था विवाद

गौरतलब है कि जेपीएससी की 6ठी सिविल सेवा परीक्षा अपने प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम से ही विवादों में रही है. जेपीएससी की ओर से तीन बार प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया गया.

इसके बाद हाइकोर्ट ने जेपीएससी की ओर से जारी पीटी के तीसरी बार के परिणाम को रद्द करत हुए मुख्य परीक्षा लेने को कहा. मुख्य परीक्षा पेपर लीक जैसे आरोपों की वजह से विवाद में आयी.

इसके बाद अंतिम परिणाम जारी होने के बाद से वह भी विवादों में आ गयी. उम्मीदवार पिछले चार साल से 6ठी जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

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