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कोल कारोबारी से लेवी वसूलने वाला जेपीसी उग्रवादी बसंत गंझू अपने चार साथियों के साथ गिरफ्तार

Hazaribagh : गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के निर्देश पर कोयला कारोबारी से  लेवी वसूलने वाला जेपीसी उग्रवादी बसंत गंझू अपने चार साथियों के साथ गिरफ्तार हुआ है. एसपी कार्तिक एस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी को कटकमदाग थाना क्षेत्र जमुआरी जंगल से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुए अपराधियों में जेपीसी कमांडर बसंत गंझू , बैजनाथ रजवार, संजय कुमार पाण्डेय,  वारिस और राजेश कुमार यादव शामिल हैं. गिरफ्तार हुए अपराधियों के पास से दो देशी कट्टा, एक देशी बंदूक, दो पिस्टल और 23 जिंदा गोली और पांच मोबाइल बरामद हुए हैं.

बता दें कि उग्रवादी बसंत गंझू के पर हजारीबाग, चतरा और गिरिडीह जिले के अलग-अलग थानों में कुल 21 मामले दर्ज हैं. वहीं बैजनाथ रजवार के हजारीबाग के बड़कागांव थाना में छह मामले दर्ज हैं.

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सुजीत सिन्हा के निर्देश पर लेवी वसूलता था बसंत गंझू

पूर्व जेपीसी उग्रवादी बसंत गंझू सुजीत सिन्हा के लिए काम करता था. सितंबर 2019 में जेल से निकलने के बाद उग्रवादी बसंत गंझू सुजीत सिन्हा सिन्हा और अमन साव के निर्देश पर काम करने लगा था. सुजीत सिन्हा के निर्देश पर बसंत गंझू हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, लातेहार और रांची के कोल कारोबारी, कोल परियोजनाओं के ठेकेदार सहित अन्य कारोबारी को डरा धमका कर लेवी वसूली करता था. डर पैदा करने के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था.

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शिवपुर रेलवे साइडिंग में फायरिंग और हत्या की घटना का अंजाम

बसंत गंझू ने अपने साथियों के साथ बीते वर्ष दिसंबर 2019 चतरा जिले के शिवपुर रेलवे साइडिंग में फायरिंग की घटना का अंजाम दिया था. इस फायरिंग में इसराफिल अंसारी नाम के कोल कर्मी की गोली लगने से मौत हो गई थी. बसंत ने इसके अलावा कटकमदाग थाना क्षेत्र में कोयला गाड़ी पर फायरिंग और उसने आग लगा देने की घटना को अंजाम दिया था.

गौरतलब है अमन साव के गिरफ्तार होने के बाद बसंत गंझू पूर्व संगठन जेपीसी को पुनर्गठित कर मजबूत करने और नए लड़कों को संगठन में जोड़ कर संगठन का विस्तार कर रहा था. साथ ही जेपीसी संगठन के नाम पर ही लेवी वसूलने का काम कर रहा था. इसके अलावा बसंत गंझू ने खुद को जेपीसी उग्रवादी संगठन का सुप्रीम कमांडर घोषित किया था.

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