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राफेल का सच सामने लाने के लिए जेपीसी ही एकमात्र उपाय : वामदल

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New Delhi : वामदलों ने लड़ाकू विमान राफेल के मामले में उच्चतम न्यायालय के शुक्रवार को आये फैसले के आलोक में कहा कि इस विमान की खरीद में कथित गड़बड़ी के आरोपों का सच उजागर करने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच ही एकमात्र उपाय है.

जेपीसी के गठन की मांग को लगातार उठा रहे हैं

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि राफेल का सच सामने लाने के लिए जेपीसी ही एकमात्र कारगर तरीका है. येचुरी ने कहा ‘‘इस मामले में हम जेपीसी के गठन की मांग को लगातार उठा रहे हैं. मोदी द्वारा जेपीसी की मांग को ठुकराना दोष सिद्धि का सबसे बड़ा सबूत है.’’ भाकपा ने भी कहा कि संसद देश में सर्वोच्च संस्था है. भारत द्वारा फ्रांस के साथ किये गये कई अरब डालर के इस रक्षा सौदे की जेपीसी जांच की जानी चाहिए.

सरकार आखिरकार जेपीसी जांच से बच क्यों रही

भाकपा के राज्यसभा सदस्य डी राजा ने कहा, हमारे लोकतंत्र में संसद सर्वोच्च है. राफेल सौदे की जेपीसी जांच होनी चाहिए. यह सभी विपक्षी दलों की मांग है. राजा ने कहा कि सरकार आखिरकार जेपीसी जांच से बच क्यों रही है. सरकार को जेपीसी से जांच कराना चाहिए, जिससे सच अपने आप सामने आ जायेगा.’’ भाकपा महासचिव सुधाकर रेड्डी ने उच्चतम न्यायालय के फैसले को सरकार के लिए राफेल सौदे पर ‘क्लीन चिट’ मानने से इंकार करते हुए कहा, कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सरकार पर जेपीसी के गठन का लगातार दबाव बनाती रहेगी.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे को चुनौती देने वाली याचिकायें यह कहते हुये खारिज कर दीं कि सौदे को निरस्त करने के लिए इसके ‘‘निर्णय लेने की प्रक्रिया पर वास्तव में संदेह करने की कोई वजह’’ नहीं है.

 

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