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बेरमो में कोयले के अवैध कारोबार में पत्रकार-पुलिस की संलिप्तता ! व्हाट्सएप मैसेज से हुआ खुलासा, पत्रकार समेत 10 पर मामला दर्ज

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Bermo: बेरमो अनुमंडल के नक्सल प्रभावित ऊपरघाट स्थित पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र में पिछले कई दिनों से कोयले के अवैध कारोबार का खेल जारी है. विगत दो माह से भी ज्यादा समय से कोयले का अवैध कारोबार एक अखबार के पत्रकार तथा थानेदार एवं बेरमो सर्किल इंस्पेक्टर की आपसी मिलीभगत से किया जा रहा था. पहले अवैध कारोबार में कोयले की इंट्री का रुपया पत्रकार द्वारा वसूला जाता था. रिपोर्टर कोयले की अवैध ढुलाई से संबंधित हर जानकारी पुलिस को पहुंचाता था. लेकिन बाद में वो खुद इसमें शामिल हो गया. अब आरोप ये लग रहे हैं कि वसूली वाली राशि में घालमेल से परेशान होकर पुलिस ने कार्रवाई की है.

पत्रकार समेत 10 पर मामला दर्ज

दरअसल पांच फरवरी को पुलिस ने छापेमारी कर पांच ट्रैक्टर समेत 25 टन कोयला जब्त किया था. इसमें एक अखबार के पत्रकार सहित कुल दस लोगों पर मामला दर्ज किया गया है. पेंक नारायणपुर थाना कांड संख्या-10/2019 आईपीसी की धारा 413,414,120 बी,34,33 वन अधिनियम,30(11) कोल माइंस अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है. और कांड का अनुसंधानकर्ता चंद्रभूषण सिंह को बनाया गया है. इसमें पत्रकार शेखावत अंसारी को भी नामजद आरोपी बनाया गया है.

कैसे होता था कोयले का कारोबार

पेंक नारायणपुर थाना के मूंगो रांगामाटी, बंशी, मोचरो, ताराबेड़ा, पलामू आदि क्षेत्रों से कोयला का अवैध कारोबार ट्रैक्टरों के द्वारा किया जाता था. उपरोक्त स्थानों से कोयला ट्रैक्टरों द्वारा गिरिडीह के निमियांघाट थाना क्षेत्र में जाता था और वहां से ट्रकों द्वारा बाहर की मंडियों में भेज दिया जाता था.

पत्रकार के संरक्षण में कारोबार

पेंक नारायणपुर थाना के उपरोक्त सभी स्थानों से होने वाला कोयला का अवैध कारोबार ऊपरघाट स्थित एक अखबार के पत्रकार के संरक्षण में हो रहा था. कोयला लेकर निकलने वाले सभी ट्रैक्टर बतौर धंधे का नजराना या इंट्री की राशि उसी पत्रकार के पास जमा कराते थे. पत्रकार प्रतिदिन अवैध कोयला लेकर निकलने वाले कारोबारियों के ट्रैक्टरों की सूचना, उनके नाम पेंक नारायणपुर के थानेदार संदीप कुजूर तथा बेरमो सर्किल के पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मीकांत को दोनों के मोबाइल व्हाट्सएप पर दिया करता था.

पत्रकार-पुलिस के बीच व्हाट्सएप मैसेज से हुआ खुलासा

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पुलिस-पत्रकार के बीच हुई बातचीत

कोयला जब्ती के बाद पुलिस द्वारा जो एफआईआर की गयी है, उसमें पत्रकार को भी आरोपी बनाया गया. पुलिस द्वारा आरोपी बनाये जाने के बाद पत्रकार ने धंधे को लेकर मोबाइल व्हाट्सएप पर प्रतिदिन के भेजे गये संवाद को उजागर कर दिया. व्हाट्सएप पर थानेदार और सर्किल इंस्पेक्टर को प्रतिदिन कोयला के कारोबार, ट्रैक्टरों के निकलने की संख्या और कारोबारी की जानकारी दी जाती थी.

क्या कहते हैं थानेदार

इस संबंध में जब पेंक नारायणपुर थानेदार संदीप कुजूर से पूछा गया तो वे कुछ सटीक जवाब नहीं दे पाये और कहा कि मामले में दम नहीं है. पत्रकार के द्वारा उन्हें फंसाया गया है.

मोबाइल जांच से होगा खुलासा

सूत्र बताते हैं कि पेंक नारायणपुर थानेदार, बेरमो सर्किल इंस्पेक्टर तथा पत्रकार के मोबाइल एवं व्हाट्सएप की जांच करवायी जाये तो और भी कोयले के कारोबार से जुड़े राज पर्दाफाश होंगे. इसके अलावा चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल, पेटरवार, जरीडीह, गोमिया, आईईएल थानेदारों के मोबाइल एवं व्हाट्सएप मैसेज को जांच करने की जरूरत है जिससे धंधे से जुड़े कई और खुलासे होंगे.

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