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#JNU_Violence : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का आरोप, गुंडों को मोदी सरकार ने उकसाया

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NewDelhi : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(JNU) में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच की जानी चाहिए. सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी कांग्रेस नेता पी चिदंबरम समेत कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने हिंसा के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने हिंसा के दोषियों को सख्त सज़ा देने की भी मांग की है सोनिया गांधी ने JNU हिंसा मामले में आरोप लगाया कि भारत के युवाओं और छात्रों की आवाज हर दिन दबाई जा रही है.

कहा कि देश के युवाओं पर भयावह एवं अप्रत्याशित ढंग से हिंसा की गयी.  ऐसा करने वाले गुंडों को सत्तारूढ़ मोदी सरकार की ओर से उकसाया गया है. यह हिंसा निंदनीय है और स्वीकार नहीं की जा सकती.

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कांग्रेस देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है : सोनिया गांधी 

कांग्रेस अध्यक्ष ने  कहा कि  पूरे भारत में शैक्षणिक परिसरों और कॉलेजों पर भाजपा सरकार समर्थित तत्व और पुलिस रोजाना हमले कर रही है. हम इसकी निंदा करते हैं. इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग करते हैं. JNU में छात्रों और शिक्षकों पर हमला इस बात का प्रमाण हैं कि मोदी सरकार विरोध के हर स्वर को दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है.

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उद्धव ठाकरे ने 26/11 से की तुलना की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जेएनयू हिंसा की तुलना 26/11 से की.  उन्होंने कहा, हमलावरों को क्या जरूरत थी नकाब पहनने की? ये कायर थे, इस कायरता का कभी भी हिंदुस्तान में समर्थन नहीं हो सकता.  यह सबकुछ देखकर मुझे 26/11 मुंबई अटैक की याद आ गयी. मैं इस तरह के हमले महाराष्ट्र में कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा

बाहरी थे हमलावर : येचुरी

सीपीआई नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि हमलावर बाहरी थे और कौन थे, यह नारों से समझा जा सकता है.  उन्होंने कहा, जेएनयू में कल हुई हिंसा में पूरी तरह से बाहरी लोग शामिल थे.  इसमें किसका हाथ था, यह उन लोगों द्वारा लगाये जा रहे नारों से ही स्पष्ट हो जाता है.  यह हमला पूरी तरह से प्रायोजित था.  जेएनयू के कुलपति को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए.  हिंसा के दोषियों को पहचान कर उनको सजा दी जानी चाहिए.

घायल  छात्रों और शिक्षकों को AIIMS ले जाया गया

जान लें कि JNU में  रविवार को छात्रों और शिक्षकों से जमकर मारपीट की गयी.  50 से ज्यादा नकाबपोश हमलावरों ने इस हमले को अंजाम दिया.  हमलावर  लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर कैंपस में घुसे और छात्रों को पीटा.  JNU छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष हमले में घायल हो गयी.

हमले में घायल हुए सभी छात्रों और शिक्षकों को AIIMS ले जाया गया, जहां सोमवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. आइशी ने यूनिवर्सिटी के वीसी एम जगदीश कुमार को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए  वीसी के इस्तीफे की मांग की है.

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