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कोलेबिरा उपचुनाव परिणाम के हैं कई मायने, सीएम रहे प्रचार से दूर, जेएमएम की साख पर भी लगा बट्टा

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PRAVIN KUMAR 

Ranchi: कोलेबिरा उपचुनाव के परिणाम के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं. एक ओर वर्तमान विधानसभा के कार्यकाल में हुए सभी उपचुनाव में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी आजसू का बुरी तरह धराशायी  होना सरकार के विकास के दावे का हकीकत बया करता है. कोलेबिरा विधानसभा के 2014 के चुनाव में भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. और इस उपचुनाव में 30685 वोट ला कर दूसरे स्थान पर ही रही. भाजपा के लिए इस उपचुनाव का परिणाम शायद पहले से अनुमानित था. इस कारण उपचुनाव के प्रचार में मुख्यमंत्री रघुवर दास शमिल नहीं हुए. अपनी साख बचाने के लिए मंत्री नीलकंठ मुंडा जरूर चुनाव प्रचार में शमिल रहे. लेकिन हार के बाद पार्टी में नीलकंठ मुंडा की साख भी कमजोर होगी. वहीं मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रीयों का प्रचार से दूर रहना भी पार्टी और भाजपा के संगठन के बीच खाई की ओर इशारा करता है. भाजपा के लिए कोलेबिरा उपचुनाव की हार अधिक मायने तो नही रखती लेकिन इस उपचुनाव ने भाजपा विरोधियों को नयी ऊर्जा देने का काम किया है.

नया गठबंधन बनाने की शुरू हुई थी कवायद 

दूसरी ओर, महागठबंधन की बात, राज्य में भाजपा विरोधी दलों का गठबंधन बनाने की कवायद शुरू हुई थी, लेकिन कोलेबिरा उपचुनाव ने उसमें भी दरार दिखा. भले ही विपक्षी दलो का कहना है कि इस उपचुनाव को महागठबंधन के रूप में ना देखा जाए, लेकिन जो दिख रहा है उसे क्या कहा जा सकता है. वहीं दूसरी ओर इस उपचुनाव ने यह भी साबित किया है कि महागठबंधन के बिना झारखंड मुक्ति मोर्चा भी राज्य की सत्ता के सिरमौर नहीं बन सकते. झारखंड मुक्ति मोर्चा और आरजेडी ने पूर्व विधायक एनोस एक्का की पत्नी को सर्मथन दिया था. मेनन एक्का की हार नैतिक रूप से जेएमएम की हार के समान है. इसे स्वीकार करने में जेएमएम को परहेज नही होना चाहिए.

कांग्रेस ने अंतिम समय में उतारा था विक्सल कोंगाड़ी 

कोलेबिरा उपचुनाव में, जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी के द्वारा आखरी क्षण में एक नये चेहरे नमन विक्सल कोंगाड़ी को समाने लाया गया, इससे यह सकेंत मिलता है कि राज्य में भाजपा विरोधी पाटियों का गठंबंधन होगा. भले ही इस गठबंधन में काग्रेस के साथ सभी दल आयें या न आयें. वहीं, दूसरी ओर महागठबंधन होता है तो सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा की बात ही नही सुनी जायेगी. बल्कि जमीनी हकीकत को आधार बना कर ही महांगठबंधन की रूपरेखा तय होगी. कोलेबिरा उपचुनाव में काग्रेस पार्टी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के बिना सर्मथन के 9658 वोट से जीत हासिल की. यह जीत भाजपा को तो पेरशान करेगी ही झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी यह परेशान करेगी. कोलेबिरा उपचुनाव में काग्रेस उम्मीदवर को 40,343 वोट मिला. पार्टी को जेवीएम का सर्मथन मिला था, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 30,685 मत मिले. वहीं नये क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय सेंगल पार्टी के उम्मीदवार तीसरे नबंर पर रहे. उन्हें 23,799 मत मिले. जबकि पूर्व विधायक और जेएमएम आरजेडी समर्थन प्राप्त मेनन एक्का को मात्र 16,445 वोट मिलना और चौथे नबंर पर चला जाना. मतदताओं के अकलन का नजरिया भी बदलने का संकेत दे रहा है. बता दें कि कोलेबिरा विस उपचुनाव में पांच प्रत्याशी मैदान में थे.

2014 का प्रदर्शन नहीं दोहारा सके झारखंड पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा  

झारखंड मुक्ति मोर्चा को 2014 के चुनाव में 17083 मत मिले. इतने वोट भी झारखंड मुक्ति मोर्चा नहीं दिला सकी. 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में कोलेबिरा सीट पर झारखंड पार्टी के उम्मीदवार एनोस एक्का को 48978 मत मिले थे. वहीं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार मनोज नगेशिया को 31835 मत, झारखंड मुक्ति मोर्चा उम्मीदवार लुईस कुजूर को 17083 मत मिले थे. वहीं इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार को 10714 मत मिले थे.

20 रउांड की मतगणना में किसे कितने वोट मिलेः

  • पहले राउंड में मेनन एक्का को 1239 वोट, विक्सल कोंगाडी को 1909 वोट, बसंत सोरेंग को 1688 वोट
  • तीसरे राउंड में कांग्रेस को 5644, भाजपा को 561, झापा को 3108 वोट
  • 6 राउंड में कोंग्रेस को 11782, भाजपा- 10406, झापा- 5753,सेंगेल पार्टी  5132 मत मिले.
  • दसवें राउंड में भी कांग्रेस के नमन विक्सल कोंगाड़ी आगे रहे. इस राउंड तक कांग्रेस को 20731, भाजपा 16877, राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी 9632, झापा 8223 वोट मिले.
  • 13 वे राउंड तक 13 वां राउंड के समाप्ति तक कांग्रेस- 27132, भाजपा को 20408, सेंगेल – 15192, झापा- 11424 मत मिले.
  • 15 वाँ राउंड समाप्ति में  कोंग्रेस को – 31803, भाजपा- 23850, राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी  – 17630,झापा- 13318 मत मिले.
  • 18 वें राउंड के बाद कांग्रेस को -38159, बीजेपी को 28129, राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी को -21453, झापा को-15229 वोट मिले.

20वें राउंड के बाद कांग्रेस उम्मीदवार नमन विक्सल कोंगाड़ी ने 9658 मतो से उपचुनाव में जीत दर्ज की. 20वें राउंड की गिनती के बाद नमन विक्सल कोंगाड़ी, कांग्रेस उम्मीदवार को 40343 मत मिले, वहीं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार बसंत सेरेंग को 30685 मत, राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी उम्मीदवार अनिल को 23799 झारखंड पार्टी के मेनन एक्का को 16448, निर्दलीय उम्मीदवार बसंत को 3948 मत मिले. वहीं नोटा में 3694 मत पड़े.

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