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जेएमएम का आरोप, बदले की भावना से काम कर रही है सरकार, बीजेपी के कई नेताओं ने किया है सीएनटी एक्ट का उल्लंघन  

Ranchi :  पिछले साढ़े चार के कार्यकाल में रघुवर सरकार पर आदिवासी-मूलवासी जमीनों को हड़पने का आरोप लगाते हुए झाऱखंड मुक्ति मोर्चा ने कहा कि ऐसा करने के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना बनायी है. पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने  प्रेस वार्ता कर कहा कि पिछले छह माह से जेएमएम लगातार बीजेपी नेताओं पर आदिवासियों की जमीन हड़पने का आरोप लगाता रहा है. चूंकि अब विधानसभा चुनाव नजदीक है,  उसे देख रघुवर सरकार बदले की भावना से हेमंत सोरेन पर ही आदिवासी जमीन हड़पने का आरोप लगा रही है. लोगों के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि आदिवासी जमीन की लूट का काम जेएमएम कार्यकारी अध्यक्ष कर रहे हैं.  चुनाव नजदीक होने के नाते  सरकार को जनमुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए, लेकिन सरकार समाज में विद्वेष फैलाने के काम में लिप्त है.

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सोहराय भवन मामले  में जारी किया गया है नोटिस

जान लें कि सुप्रियो भट्टाचार्य का यह बयान उस मुद्दे पर आया है, जिसमें सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासी जमीन खरीद कर सोहराय भवन बनाने व उसके स्वामित्व को लेकर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को नोटिस जारी किया गया है. उससे  जेएमएम कार्यकर्ताओं में राज्य सरकार के प्रति काफी रोष है. उधर  बीजेपी लगातार इस मामले पर हेमंत सोरेन पर हमला बोल रही है.

बीजेपी के कई सांसदों ने किया उल्लंघन, पुख्ता सबूत पार्टी के पास :  सुप्रियो भट्टाचार्य

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर सरकार ने आदिवासियों के नाम पर कई ट्रस्ट बनाकर आदिवासी जमीनों को लूटा है. इसमें बीजेपी के रांची के सांसद सहित पार्टी के कई सांसदों और विधायकों द्वारा बनाये ट्रस्ट के पुख्ता सबूत पार्टी के पास है. हेमंत सोरेन पर लगातार हो रहे हमले का जवाब देते हुए कहा कि मामले में एसआईटी भी गठन किया गया था. रिपोर्ट को लेकर पार्टी लगातार श्वेत पत्र जारी करने और उसे सार्वजनिक करने की मांग करती रही है. लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि रिपोर्ट में सीएनटी-एसपीटी एक्ट के उल्लंघन का जो मामला है, उसके लिए हेमंत सोरेन नहीं बल्कि कई अधिकारी जिम्मेवार हैं. चूंकि हेमंत सोरेन के खिलाफ अब सरकार के पास कोई सबूत नहीं है, तो सोची-समझी रणनीति के तहत ही सोरेन परिवार को सरकार निशाने पर ले रही है.

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