JharkhandRanchi

ओडिशा में आदिवासियों के लिए आंदोलन को धारदार बनायेगा झामुमो, मोर्चे की अगुवाई पर लगेंगे शिबू और हेमंत

Ranchi. कलिंगनगर (ओडिसा) में जिंदल का स्टील प्लांट लगना है. स्थानीय आदिवासी समाज में इसे लेकर विरोध है. उनमें विस्थापन का डर है. झामुमो की प्रदेश अध्यक्ष अंजलि सोरेन सोमवार को उनसे मिलने जा रही थी. पर रास्ते में ओड़िसा पुलिस ने उन्हें 30 समर्थकों के साथ रोक लिया. अब झामुमो ने ओड़िसा में कलिंगनगर सहित अन्य जगहों पर विस्थापन और आदिवासी हितों के लिए धारदार संघर्ष करने का प्लान बनाया है.

पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसकी जानकारी मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. कहा कि जल्दी ही मंत्री चंपई सोरेन, पार्टी के कई विधायक, पदाधिकारीगण के अलावा केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन, कार्यकारी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन भी आंदोलन को तेज करने में जुटेंगे. साथ ही ओड़िसा में पार्टी के संघर्ष को फिर से गति दी जायेगी.

इसे भी पढ़ें : UAE के होटल का कमरा देख MS DHONI की पत्नी साक्षी को आई हनीमून वाली फीलिंग, देखिये PHOTOS

बीजद भाजपा की राह पर

सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक ओड़िसा में बीजद की सरकार है. वह भी भाजपा की राह पर है. आदिवासियों के विस्थापन, शोषण के मसले पर वह भी भाजपा की ही तरह है. कलिंगनगर में लाखों आदिवासी परिवारों को उजाड़ दिया गया. अब राजगंगापुर में जिंदल के 2 स्टील प्लांट के लिए कई लोगों को उजाड़े जाने की तैयारी है. पार्टी नेता अंजलि सोरेन की गिरफ्तारी से झामुमो का आदिवासियों, अल्पसंख्यकों के लिए संघर्ष की मुहिम कमजोर नहीं पड़ने वाली. इसे और तेज किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें :हजारीबाग : किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर बीएलबीसी की समीक्षा बैठक

अंबानी अडानी के हाथों बिक जायेगा झारखंड

24 फरवरी, 2021 को पीएम मोदी ने उद्योग और व्यापार संघ के एक परिचर्चा में कहा था कि केंद्र अब मोनिटाइजेशन और मॉडर्नाइजेशन की ओर जायेगा. अर्थशास्त्रियों ने चिंता जतायी थी कि कहीं देश को उद्योग समूहों, व्यापारियों के हाथों में तो नहीं बेच दिया जायेगा. यह आशंका लगातार सही साबित हो रही. 23 अगस्त क वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोनिटाइजेशन के जरिये 6 लाख करोड़ प्राप्त करने की बात कही.

इसके तहत राजमार्ग, रेल, ऊर्जा पावर, टेलिकॉम, वीयर हाउस, नेचुरल गैस पाइप लाइन, कोयला, सभी तरह के खनन, विमान कंपनियों के साथ साथ सी पोर्ट, खेल के सरकारी स्टेडियम खासकर रेलवे स्टेडियम, सरकारी रेसिडेंसियल लैंड्स और साथ ही अरबन रियल इस्टेट के भी नीलामी की बोली लगा दी. राजमार्ग का 27 फीसदी प्राइवेट के हाथों में जायेगा. 400 रेलवे स्टेशन को बेचे जाने की तैयारी है. इससे पहले लगभग 15 मुख्य एयरपोर्ट को तो बेच ही दिया गया. और 25 व्यस्त एयरपोर्ट को भी बेचना है. जो स्थिति है, उससे लगता है कि झारखंड को भी आने वाले दिनों में अडानी, अंबानी के हाथों बेच दिया जायेगा.

इसे भी पढ़ें :गिरिडीह : कमरे में झूलता मिला विवाहिता का शव, ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप

Advt

Related Articles

Back to top button