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कोलेबिरा उपचुनाव अपने दम पर लड़ेगा झामुमो : सुप्रियो भट्टाचार्य

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Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कोलेबिरा विधानसभा सीट पर होनेवाला उपचुनाव अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है. हालांकि, उपचुनाव को लेकर अपने सहयोगी दलों से सहयोग लेने की बात भी पार्टी की तरफ से की गयी है. गौरतलब है कि पारा शिक्षक की हत्या के एक मामले में हाल ही में पूर्व मंत्री एनोस एक्का के सजायाफ्ता होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गयी थी. इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांग्ते ने कोलेबिरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव की अनुशंसा केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेज दी है. वहीं, झामुमो ने हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी में होनेवाले फैशन शो के बहाने पार्टी ने राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये खर्च कर झारक्राफ्ट ने शो के लिए जिस तरह से 15 बाउंसरों को बुलाया है, उससे राज्य पुलिस की क्षमता पर सवाल खड़ा होता है.

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कोलेबिरा सीट पर है पार्टी का स्वाभाविक दावा

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सोमवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी महासचिव और केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि हाल के दिनों में राज्य में हुए उपचुनाव में पार्टी ने जिस तरह से जीत दर्ज की है, उससे कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है. कोलेबिरा में हुए पिछले चुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन पूरे विपक्ष में काफी अच्छा रहा है. पार्टी का स्थान चुनाव में तीसरा था. वहीं, सहयोगी दल कांग्रेस और जेवीएम झामुमो से काफी पीछे रहे थे. पार्टी कार्यकर्ताओं की स्वाभाविक इच्छा और पिछले चार सालों से पार्टी संगठन के काम को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि कोलेबिरा सीट पर पार्टी का स्वाभाविक दावा है. पार्टी महासचिव ने घोषणा भी की कि इस उपचुनाव में झामुमो बड़ी जीत दर्ज करेगा.

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फैशन शो पर एक करोड़ खर्च पर उठाये सवाल

इस दौरान हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित किये जा रहे फैशन शो के बहाने सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारक्राफ्ट ने कार्यक्रम के लिए कुल एक करोड़ रुपये खर्च करने का एलान किया है. इसके लिए कुल 15 मॉडल और 15 बाउंसर बुलाये जा रहे हैं. राज्य पुलिस प्रशासन के होते हुए जिस तरह भाड़े के बाउंसर को बुलाया जा रहा है, उससे पार्टी को यह कहने में कोई दिक्कत नहीं कि पुलिस प्रशासन पर अब सरकार का कोई भरोसा नहीं रह गया है. राज्य के दस्तकारों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में काम करनेवाले कई दस्तकार आज छोटी-छोटी समिति बनाकर अपना रोजगार चला रहे हैं. हाल में झारक्राफ्ट में जो कंबल घोटाला सामने आया था, उसके कारण इन दस्तकारों को 4.12 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. अभी तक राज्य सरकार ने इसका भुगतान नहीं किया है. वहीं, इस वर्ष के शुरुआती दिनों से अब तक एक भी कार्य इन बुनकरों को नहीं दिया गया है. दूसरी और फैशन शो का आयोजन कर सरकार ने इन दस्तकारों का मजाक ही उड़ाया है.

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राष्ट्रीय खेल ही नहीं, सभी आयोजनों की हो सीबीआई जांच

वर्ष 2011 में खेलगांव में आयोजित हुए 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले की सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा के सवाल पर झामुमो महासचिव ने कहा कि झामुमो तो शुरू से ही इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करती रही है. उन्होंने कहा कि खेलगांव में हुए केवल राष्ट्रीय खेल में ही नहीं, बल्कि मोमेंटम झारखंड में भी व्यापक घोटाला हुआ है. इन सभी की जांच सीबीआई द्वारा होनी चाहिए. खेल घोटाले में पहले एसीबी द्वारा की जा रही जांच की बात पर उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि आखिर अभी तक सरकार किस आकलन के तहत एसीबी से जांच करा रही थी.

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