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जेएमएम ने बेच दी झारखंड की अस्मिता, विधायक ने भी माना स्वार्थ का है महागठबंधन : रघुवर

-              झारखंड में लालटेन की जरूरत नहीं है अब हर घर बिजली से है रोशन

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Garhwa : अब फिर से एक बार सभी भ्रष्टाचारी एक होकर मोदी को हटाना चाहते हैं. लेकिन लोगों में राजनीतिक जागरूकता है. यह चुनाव देश के लिए महत्वपूर्ण है. आजादी से पूर्व और उसके बाद करीब 55 साल से ज्यादा के कार्यकाल में कांग्रेस ने देश को लूटा है.

वंशवाद परिवारवाद की राजनीति करने वाले चाहते हैं कि उनके परिवार का सदस्य ही प्रधानमंत्री या राज्य का मुख्यमंत्री बने. लेकिन यह लोकतंत्र है, जहां एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री व टाटा स्टील का मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है. लेकिन यह सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है. मुख्यमंत्री रघुवर दास शुक्रवार को गढ़वा के भवनाथपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे.

झामुमो के विधायक ने माना महागठबंधन स्वार्थ का गठबंधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के मांडू विधायक जयप्रकाश पटेल ने माना कि यह महागठबंधन स्वार्थ का गठबंधन है. देश और राज्य का सर्वांगीण विकास मोदी के नेतृत्व में ही संभव है. अब महागठबंधन के लोग भी मानने लगे हैं कि देश को आगे बढ़ाने के लिए मोदी जी का नेतृत्व बहुत जरूरी है.

राजद के प्रत्याशी पलामू की जनता को लालटेन युग की ओर ले जाना चाहते हैं और  भारतीय जनता पार्टी के लोग उजाला की ओर ले जाने के पक्षधर हैं. झारखंड को लालटेन की जरूरत नहीं. अब यहां का हर घर बिजली से रौशन है.

साथ ही सीएम ने अपने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि गढ़वा में भी ग्रिड का कार्य जल्द पूर्ण होगा. राज्यभर में 117 ग्रिड और 257 सब स्टेशन का निर्माण हो रहा है. दिसंबर 2019 तक हम 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे.

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डबल इंजन की सरकार से उग्रवाद का नाश संभव हुआ

पलामू गढ़वा सहित झारखंड के कुछ जिले उग्रवाद से ग्रसित थे. 2014 से पूर्व की स्थिति भयावह थी. लोग डरे सहमे रहते थे कि पता नहीं कब और कहां उग्रवादी हमला हो जाए. विगत साढ़े चार साल में सुरक्षाबलों, जिला बल के प्रयास और केंद्र एवं राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की वजह से झारखंड में उग्रवाद का नाश हुआ है.

राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद की घटना में कमी आई है. उरी और पुलवामा की घटना के बाद  जिस तरह केंद्रीय नेतृत्व ने सुरक्षाबलों को खुली छूट दी और उन्होंने अपने शौर्य का परिचय देते हुए आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देश में घुसकर आतंकियों और उनके ठिकानों को तबाह किया. यह मोदी सरकार में ही संभव है. अब किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि वह भारत को की ओर आंख उठाकर देखे. मोदी के नेतृत्व में ही यह संभव हुआ कि भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका व चीन के बाद अपना स्थान रख रही है.

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