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बहुचर्चित जेएमएम नेता मनिंद्र नाथ मंडल हत्याकांड : हाईकोर्ट से तीनों अभियुक्त बरी 

तीनों अभियुक्तों ने कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा था, कि एक दिन बरी कर दिया जाएगा.

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Dhanbad : कोयलांचल के बहुचर्चित मनिंद्र मंडल हत्याकांड के सभी अभियुक्तों को बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है. जबकि इसी मामले में धनबाद कोर्ट द्वारा अभियुक्तों आजीवन कारावास की सजा सुनाये जाने के फैसले के विरोध में हाई कोर्ट में अपील की गई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने संजय सिंह, पवन सिंह और पिंटू सिंह को बरी करने का आदेश दिया. संजय और पवन फिलहाल हजारीबाग जेल में सजा काट रहे हैं. जबकि पिंटू जमानत पर हैं. वहीं कोर्ट के डिसीजन आने के बाद तीनों अभियुक्तों ने कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा था, कि एक दिन बरी कर दिया जाएगा. बरी होने पर परिजनों में भी काफी खुशी देखी गई.

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क्या है मामला

12 अक्टूबर 1994 को सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट के पास झामुमो नेता मनिंद्र मंडल की हत्या गोली मारकर कर दी गई थी. हत्या का आरोप बहुचर्चित झरिया के विधायक रहे सूर्यदेव सिंह के पुत्र राजीव रंजन, उनके मामा पवन सिंह और दोस्त संजय सिंह व पिंटू सिंह पर लगा. आरोपित घटना के बाद भागते समय तोपचांची में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए. हत्याकांड की सुनवाई के बाद धनबाद कोर्ट ने 13 सितंबर 2013 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

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राजीव रंजन एक दशक से अधिक समय से है गायब

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वहीं बता दे कि चारों अभियुक्तों में से एक राजीव रंजन एक दशक से भी अधिक समय से वह लापता है. पुलिस ने अब तक राजीव रंजन सिंह को नहीं खोज पाई जबकि इनके माता कुंती सिंह विधायक  रहने के बावजूद सीबीआई जांच तक कराने की  मांग की थी. वहीं पुलिसिया जांच के दौरान इसी मामले में यूपी के डॉन बृजेश सिंह ने एक बार खुद  कहा था कि राजीव रंजन को हम ने ही गोली मारा और उसे मारकर कोलकाता के गटर में फेंक दिया. इसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को धीमी कर दी.

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क्या कहते हैं मनिंद्र नाथ मंडल के परिवार

हाईकोर्ट के फैसले आने के बाद मनिंद्र नाथ  मंडल के परिजन ने कहा कि न्यायालय ने आरोपियों को बरी कर दिया जबकि  इसी मामले में  धनबाद कोर्ट ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. जबकि हत्याकांड की जानकारी पूरे धनबाद वासी को पता है कि किसने गोली चलाई थी फिर भी आरोपी बरी हो गए ऐसे में न्यायालय पर आम जनता का क्या भरोसा रह जायेगा.

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