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बाबूलाल पर JMM का पलटवार, भाजपा से 6 साल का हिसाब क्यों नहीं मांगते

Ranchi : दुमका और बेरमो उपचुनाव के ठीक पहले सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जोरों पर है. ऐसा कर दोनों पक्षों के नेता वोटरों के बीच पैठ बनाने की कोशिश में हैं.
आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर राज्य की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है. भाजपा प्रत्याशी बिरंची नारायण के पक्ष में चंद्रपुरा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाते हुए बाबूलाल ने अपने औऱ पार्टी के अन्य सीएम के कार्यकाल में हुए विकास का हवाला दिया.

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साथ ही कहा था कि हेमंत सोरेन ने कई वादे कर सत्ता पायी थी, लेकिन एक भी वादा उन्होंने पूरा नहीं किया.
बाबूलाल के आरोप पर पलटवार करते हुए जेएमएम ने कहा है कि यह बहुत ही हास्यास्पद है. 10 माह के कोरोना संक्रमण काल में बाबूलाल को पूरे पांच साल का हिसाब चाहिए. पर साढ़े छः साल से केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार और झारखंड में 5 साल चली तानाशाह सरकार की उपलब्धियों पर वे जनता से क्यूं नहीं वोट मांगते हैं.

भाजपा के पास गिनाने को एक उपलब्धि नहीं

जेएमएम का कहना है कि 2014 में सत्ता में आयी नरेंद्र मोदी सरकार ने देशवासियों से कई वादे किये थे. इसमें हर साल 2 करोड़ नौकरियां, 2022 तक हर हिंदुस्तानी को घर का वादा, 100 स्मार्ट शहर, सबके खाते में 15 लाख रुपये, साहिबगंज में निर्मल गंगा/बंदरगाह, 5 ट्रिलियन इकॉनमी प्रमुखता से शामिल हैं.

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लेकिन इन वायदे की जगह देशवासियों को इनकी सरकार से पकौड़ा तलो योजना, नोटबंदी की लूट, बेरोज़गारी, रेलवे समेत हर सरकारी सम्पत्ति का निजीकरण और आदिवासियों/दलितों पर अत्याचार जैसे उपहार मिले. जेएमएम का कहना है कि राज्य में 16 साल सत्ता में बैठी भाजपा के पास गिनाने को एक उपलब्धि नहीं है. अगर होती, तो उसपर वे वोट जरूर मांगते.
जेएमएम ने कहा, भाजपा में परिवारवाद बढ़ाने के पड़े हैं हजारों उदाहरण
जेएमएम ने भाजपा पर परिवारवाद का भी आरोप लगाया. पार्टी का कहना है कि अपनी नकारात्मक उपलब्धियों को देख भाजपा अनवरत झारखंड के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शिबू सोरेन पर परिवारवाद बढ़ाने का आरोप लगाती है. लेकिन हकीकत यही है कि परिवारवाद का उदाहरण तो भाजपा में भरा पड़ा है. पीयूष गोयल, धर्मेश प्रधान, पंकज सिंह, पंकजा मुंडे, BCCI के जय शाह और रवि शंकर प्रसाद समेत हज़ारों नेता इस लिस्ट में शामिल हैं.

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कोरोना संक्रमण काल में भी हेमंत ने किये कई काम

जेएमएम का कहना है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने जहां 11.5 लाख लोगों के राशन कार्ड काटे, वहीं हेमंत सरकार ने 15 लाख लाभुकों को राशन से जोड़ा. धोती-साड़ी योजना जहां भाजपा ने बंद की, वहीं हेमंत सरकार ने गरीबों का तन ढंकने की वही योजना फिर से शुरू की. इतनी ही नहीं, इस कोरोना काल में भी हेमंत सरकार ने महिला सशक्तीकरण, आदिवासी व अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, कला और संस्कृति, झारखंडी अधिकारों के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कई कामों को भी अंजाम दिया.

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