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JMM के केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा का फेसबुक अकाउंट हैक, मांगा जा रहा पैसा

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Ranchi :  राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेताओं का सोशल मीडिया अकाउंट भी अब सुरक्षित नहीं रहा है. पार्टी के केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा के फेसबुक अकाउंट को हैक कर लिया गया है. वहीं इनके नाम से हैकरों द्वारा पैसा की मांग भी दूसरे लोगों से की जा रही है.

इसकी जानकारी मिलते ही फागू बेसरा ने रामगढ़ जिले के मांडू थाना में लिखित शिकायत की है. साथ ही उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की भी मांग की है. न्यूज विंग से बातचीत में उन्होंने थाने में लिखित शिकायत की बात कही है.

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पुराने अकाउंट को हैक कर मांगा जा रहा पैसा, हो रही है छवि खराब

अपने शिकायत में उन्होंने कहा है कि उनका दो फोन नंबर 9771337205 और 9162630095 एवं ई-मेल आइडी fagubesra1@gmail.com है. उनका पुराना फेसबुक आइडी जिसका लॉग इन नंबर 9771337205 है. इसका पासवर्ड उन्हें मालूम नहीं है.

हैकर द्वारा उनके इस फेसबुक अकाउंट को हैक कर लोगों से पैसा मांगा जा रहा है. इसी अकाउंट से सोमवार 13 जुलाई को सुबह 8:49 बजे रामगढ़ जिले के ही मो गुलाम रब्बानी से 20000 रुपये मांगे गये. हैकर द्वारा उक्त व्यक्ति को पेटीएम अकाउंट नंबर – 917580942960, आइएफएससी कोड PYTM0123456 पर यह पैसा भेजने को कहा गया.

इसी तरह से कई लोगों से उनके पुराने फेसबुक आइडी से पैसा मांग कर मुझे बदनाम किया जा रहा है. इससे उनकी छवि खराब हो रही है. उन्होंने कहा है कि वर्तमान में वे फेसबुक आइडी में 9162630095 का उपयोग कर रहे हैं. शिकायत कर उन्होंने इस पर फौरन कार्रवाई करने की मांग की है.

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पुलिस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं अपराधी

फेसबुक अकाउंट हैक कर ठगी करने वाले अपराधी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गये हैं. ठग बीमारी और आवश्यक काम बताकर पिछले दिनों शहर में कई बड़ी ठगी कर चुके हैं. हालांकि पुलिस ने भी ऐसे ठगों को दबोचने के लिए विशेष टीम गठित की है.

शातिर ठग किसी भी व्यक्ति का फेसबुक अकाउंट हैक कर लेते हैं. इसके बाद उस व्यक्ति के फेसबुक मैसेंजर से उसके मित्र या रिश्तेदारों को मैसेज करते हैं. बातचीत शुरू होने पर ठग उस व्यक्ति से बीमारी या फिर किसी जरुरी काम के लिए रुपये मांगते हैं और पेटीएम या गूगल पे के जरिए रकम ट्रांसफर करने को कहते हैं.

ठगी का शिकार हो रहा व्यक्ति समझता है कि उसके मित्र या रिश्तेदार को अचानक रुपयों की जरुरत है और कई लोग बिना जांच पड़ताल किये रुपये अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं.

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