JharkhandRanchi

जेएमएम ने भी जेईई और नीट परीक्षा स्थगित करने की केंद्र सरकार से मांग की

♦जेईई और नीट परीक्षा में अडानी-अंबानी कॉर्पोरेट घरानों के नहीं बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे होते हैं शामिल : जेएमएम

♦जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा- परीक्षा होने पर किसी तरह की कोई घटना घटी, तो केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री पर हो केस दर्ज

Ranchi  :  राज्य की सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सितंबर में आयोजित ज्वाइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन (जेईई)-मेन एवं नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) (नीट) परीक्षा को स्थगित किया जाये. पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसे लेकर गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेस की.

उन्होंने कहा कि जेईई और नीट परीक्षा में अडाणी-अंबानी जैसे कॉर्पोरेट घऱानों के नहीं बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग और अपर मिडिल क्लास के बच्चे शामिल होते हैं. उन्होंने कहा कि झामुमो की मांग है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए केंद्र तत्काल ही परीक्षा को स्थगित करे. परीक्षा आयोजित होने पर एक भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होता है, तो केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री पर आपराधिक मामला दर्ज कराया जायेगा. वहीं अगर किसी की मौत हो जाती है, तो उन पर हत्या का केस दर्ज किया जाये.

इसे भी पढ़ें – CoronaUpdate: झारखंड में एक हफ्ते में मिले 9244 नये कोरोना मरीज, 84 लोगों की मौत

आम परिवारों की केंद्र को नहीं है चिंता

उन्होंने कहा कि बुधवार को देश में सबसे ज्यादा करीब 75,000 कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सामने आयी है. जिस तरह से रफ्तार अभी दिख रही है, उसे देख लगता है कि यह संख्या लाख के पार हो जायेगी. इसके बावजूद केंद्र सरकार ने नीट और जेईई की परीक्षा लेने की घोषणा की है. सभी जानते हैं कि परीक्षा भले आज हो जाये, लेकिन सेशन तो जुलाई से ही शुरू होगा. ऐसे में केंद्र चाहता तो परीक्षा को टाल सकता था. केंद्र को आम आदमी के परिवार के बारे में कोई चिंता नहीं है. उनका दुख-दर्द तो कॉपोरेट घरानों के साथ जुड़ा है.

इसे भी पढ़ें – कोविड टेस्ट का खेल: 3 बार करायी जांच, दो रिपोर्ट निगेटिव व एक पॉजिटिव, कंफ्यूजन में मरीज

adv

एक बच्चे पर खर्च होगा 10 से 12 हजार रुपये

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि आज देश के अधिकांश जगहों पर ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद है. होटल-लॉज बंद हैं. ट्रेनें नहीं चल रही हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि पिछड़े राज्यों के बच्चे आखिर परीक्षा सेंटर कैसे पहुंच पायेंगे. उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए राज्य में 5 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. पूरे राज्य के बच्चों को यहीं आना है. गढ़वा के भी बच्चे भी रांची आयेंगे. बच्चे और उनके परिजन अगर निजी ट्रांसपोर्ट से आते हैं, तो उन्हें 10 से 12 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ेगा.

मौत को न्यौता दे रही केंद्र सरकार

जेएमएम नेता ने कहा कि जब देश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा था, तो वह जून का महीना था. उस समय कोरोना मरीजों की संख्या करीब 10,000 प्रतिदन के करीब थी. उस वक्त भी दो बार इन परीक्षाओं को टाला गया. लेकिन जब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 75,000 प्रतिदिन के करीब हो गयी है, तो यह परीक्षा जरूरी हो गयी. दरअसल ऐसी नीतियां बना कर केंद्र मौत को न्यौता दे रहा है.

इसे भी पढ़ें – नगर विकास विभाग ने 54 पदों के लिए फिर निकाली वैकेंसी, 5670 पुराने आवेदकों की लौटेगी फीस 

advt
Advertisement

5 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: