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बाबूलाल पर झामुमो ने फिर बोला हमला, कहा- जमीर बेच चुके हैं मरांडी

  • पहले अपने विधायकों को भाजपा में भेजा, फिर खुद भी शामिल हो गये
  • गुरुजी के खिलाफ बोलने का हक नहीं, वे झारखंड के प्रतीक पुरुष हैं
  • दुमका और बेरमो में भाजपा कर रही मुद्दाविहीन राजनीति

Ranchi : झामुमो ने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी पर लगातार दूसरे दिन हमला बोला. पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को मीडिया से कहा कि बाबूलाल राजनीतिक जमीर बेच चुके हैं. राजधनवार सीट पर चुनाव लड़ते समय उन्होंने जनता से भाजपा के खिलाफ वोट देने की अपील की थी. जीतने के बाद वे भाजपा का सिरमौर बन गये हैं. 10 नवंबर को चुनाव का रिजल्ट आने पर बाबूलाल को शर्मिंदगी उठानी तय है.

संताल की जनता का गुरुजी से लगाव

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सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक समूचे संताल में लोग गुरुजी, हेमंत सोरेन, सीता सोरेन औऱ झामुमो नेताओं से विशेष लगाव रखते रहे है. यही कारण है कि वहां की जनता बार बार इन्हें विधानसभा भेजती है. शिबू सोरेन समूचे झारखंड के प्रतीक पुरुष हैं. ऐसे में उनके खिलाफ बोलना बाबूलाल का हल्कापन है. सितंबर 2006 में झाविमो का गठन करने वाले बाबूलाल मरांडी सब दिन भाजपाई आशिक रहे हैं. पहले अपने 6 विधायकों को भाजपा में भेजा, फिर खुद भी शामिल हो गये.

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बाबूलाल और रघुवर डुबोयेंगे नैया

दुमका और बेरमो में झामुमो-कांग्रेस किसानों, श्रमिकों के खिलाफ केंद्र द्वारा लाये गये कानून के खिलाफ लड़ रही है. भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है. बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास के कारण दोनों सीटों पर एनडीए का हारना तय है. खुद भाजपा ने अपने नेताओं को मर्यादा में रहने की बात कही है. इसके बावजूद फर्क नहीं पड़ रहा है.

छात्रों का आंदोलन पूर्ववर्ती सरकार की गलती

झामुमो के अनुसार रोजगार के मसले पर हेमंत सरकार लगातार विचार कर रही है. पिछली सरकार की गलती के कारण लड़कों के साथ धोखाधड़ी हुई है. उन्हें झूठे प्रलोभन दिया गया. फर्जी नियुक्तियां की गयी. एसएससी (झारखंड) औऱ जेपीएससी को बदहाल कर दिया गया.

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