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JJMP के शशिकांत का आरोप, ‘पुलिस के नोट पढ़ बयान जारी करते हैं सबजोनल कमांडर’

Ranchi : 19 जुलाई को झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के उग्रवादी शशिकांत द्वारा लोहरदगा में अपने तीन साथियों के मारे जाने के विरोध में 21 जुलाई को झारखंड बंदी के ऐलान को संगठन के सबजोनल कमांडर लवलेश द्वारा 20 जुलाई को एक वीडियो जारी कर झूठा बताया गया था और कहा गया था कि जेजेएमपी संगठन में शशिकांत नाम का कोई नहीं है.

इसके बाद जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के शशिकांत के नाम से एक और पत्र जारी का किया है और उसमें कहा गया है कि लवलेश के द्वारा दिया गया बयान पुलिस के द्वारा लिखाये गये नोट को पढ़कर दिया गया है. लवलेश पुलिस के दबाव में इस तरह का बयान दे रहे हैं.

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जेजेएमपी के शशिकांत जी ने जारी किया पत्र
पत्र का दूसरा पेज.

‘जनता और समर्थकों में आक्रोश को लेकर एकदिवसीय बंदी का किया गया था एलान’

जेजेएमपी उग्रवादी शशिकांत के नाम जारी किए गए पत्र के अनुसार 18 जुलाई को लोहरदगा में हुई मुठभेड में पुलिस प्रशासन के द्वारा जेजेएमपी के तीन क्रांतिकारी साथियों की हत्या के विरोध में शशिकांत ने अपने संगठन के 21 एरिया कमेटी और 4 सब जोनल कमेटी एवं 2 जोनल कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय एवं इस घटना से आम जनता एवं समर्थकों में फैले व्यापक आक्रोश को देखते हुए 21 जुलाई को एक दिवसीय झारखंड बंदी का एलान किया था.

दबाव में आकर लवलेश ने बंदी वापस लेने का वीडियो किया जारी

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन शशिकांत के नाम से जारी किये गये पत्र के अनुसार कहा गया है कि पुलिसिया दबाव में आकर हमारे संगठन के साथी ही लवलेश ने बंदी को वापस करने का वीडियो वायरल किया और शशिकांत को संगठन का नहीं बताया.

जारी किए गये पत्र में कहा गया है कि लवलेश के द्वारा दिया गया बयान उनका खुद का बयान नहीं है वह पुलिस के द्वारा लिखाये नोट को पढ़कर ही अपना बयान जारी कर रहे हैं.उन्हें इस बात का डर है कि प्रशासन उनकी संपत्ति जब्त करेगी और उन पर पुलिसिया कार्रवाई तेज होगी.

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कोबरा  बटालियन के साथ न अभियान चलाऊंगा ना सहयोग लूंगा

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के उग्रवादी शशिकांत के हवाले से लिखे पत्र में कहा गया है कि मैंने संगठन में रहकर कोई व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित नहीं की है और 10 सालों तक शोषित वर्ग के साथ मिलकर माओवादियों का मुकाबला किया है. इसलिए मुझे किसी का डर नहीं है. रणभूमि में एक दिन मैं भी शहीद हो जाऊंगा. पर अब ना तो कोबरा पुलिस बटालियन के साथ अभियान चलाऊंगा ना सहयोग लूंगा. संगठन में रहकर कुछ साथियों ने सिद्धांतों के विरुद्ध चल कर लेवी के पैसे से अकूत संपत्ति अर्जित की है उन्हें अपनी भविष्य की चिंता है इसलिए संगठन में रहकर आपसी बैर करने का कार्य कर रहे हैं.

संगठन के जिन लोगों ने सरेंडर किया वह आज करोड़ों के हैं मालिक

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के द्वारा जारी किये गये पत्र में लिखा है कि आम जनता देख चुकी है कि किस प्रकार इससे पूर्व भी संगठन के भगोड़े मंजीत, सर उपेंद्र खेरवाल और कई लोगों ने सरेंडर किया जिन-जिन लोगों ने सरेंडर किया वह आज करोड़ों के मालिक हैं और उनके परिजन ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे. वैसे लोग जिसे संगठन ने मान-सम्मान दिया, जनता ने नेता बनाया, आज वही लोग जेजेएमपी के खिलाफ कार्य कर रहे हैं. लातेहार, लोहरदगा, गुमला, गढ़वा और पलामू के जेलों में जेजेएमपी के सैकड़ों क्रांतिकारी साथी बंद है. क्या लवलेश बतायेंगे उन लोगों के लिए क्या कर रहे हैं?

जनता लेगी हिसाब

जेजेएमपी उग्रवादी शशिकांत के द्वारा जारी किए गये पत्र में कहा गया है, “पुलिस प्रशासन का विरोधी अगर नहीं होता तो माओवादियों के साथ होता मैंने बंदी का निर्णय अपने साथियों की शहादत को सलाम और अमर करने हेतु सर्वसम्मति से लिया था. जिन्हें इस निर्णय पर आपत्ति है वह संगठन छोड़ दें और सरेंडर करें पर याद रहेगी जनता उनसे उनका हिसाब लेगी लाल सलाम.”

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