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JHARKHAND NEWS : नक्सलियों के प्रमुख शरणस्थली में एक था बुलबुल जंगल

Ranchi: लोहरदगा एवं लातेहार जिले के सीमावर्ती गांव बुलबुल सहेदा टोली नारायणपुर के आसापास के जंगल में नक्सली स्थायी ठिकाना बना रखा था. बताया जाता है कि नक्सली इस ठिकाने पर कई माह से रह रहे थे. वर्तमान में यह जंगल नक्सलियों का प्रमुख शरणस्थली था. नक्सली अपनी सुरक्षा में जंगल में कई जगहों पर आईईडी लगा रखे थे.

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नक्सलियों ने श्रृखलाबद्ध तरीके से आईईडी को लगाए हुए थे. नक्सलियों के लिए यह इलाका सुरक्षित शरणगाह के रुप में एक था. बनाये गये बंकर में घर की तरह दरवाजा लगा रखा था. इसका राजफाश भी पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियान में हुआ. वही अभियान में बरामद समान से भी इस बात की पुष्टि हुई है. पुलिस अभियान में कई बोरी चावल, अन्तःवस्त्र, पॉलीथीन शीट, चटाई, बर्तन, दर्पण, साबुन सहित अन्य दैनिक उपयोग का समान मिला है. इसके अलावे प्राथमिक उपचार के लिए भारी मात्रा में दवा भी बरामद किया गया. 15 लाख के इनामी नक्सली रविंद्र गंझू, जोनल कमांडर छोटू खेरवार, बलराम उरांव, रंथू उरांव तथा 30 से 40 दस्ता सदस्यों के साथ जंगल में सुरक्षाबलों के विरुद्ध एवं बॉक्साईड माईन्स में किसी गंभीर घटना को अंजाम देने के उदेश्य से जुटे थे. सूचना पर सर्च अभियान शुरू किया गया था. जिसमें एक इनामी नक्सली मारा गया. वही नौ को गिरफ्तार किया गया. हालांकि पुलिस द्वारा इलाके में अभियान जारी है.

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ऑपरेशन डबल बुल में 9 नक्सली की हुई गिरफ्तारी, संदिग्ध के घेरे में कई

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8 फरवरी से चलाये जा रहे बुलबुल जंगल इलाके में ऑपरेशन डबल बुल में 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर बलराम उरांव, सब जोनल कमांडर दसरथ सिंह खेरवार, एरिया कमांडर मारकेश नागेसिया, शैलेश्वर वराव, मुकेश कोरवा, वीरेन कोरवा, शेलेन्द्र नागेसिया, संजय नागेसिया ओर शिला खेरवार को गिरफ्तार किया गया. हालांकि कई संदिग्ध पुलिस की रडार पर है. इस ऑपरेशन में 10 बार भीषण मुठभेड़ हुआ. वही आईईडी के चपेट में आने से तीन जवान जख्मी हुये. जिसका इलाज चल रहा है. ऑपरेशन में लातेहार, लोहरदगा जिलाबल, कोबरा बटालियन, सीआईरपीएफ और आईआरबी शामिल थी. ऑपरेशन की हवाई निगरानी भी की जा रही थी. रविद्र गंझू का दस्ता कई पुलिसकर्मियों के हत्या में शामिल रहा है. गिरफ्तार नक्सलियों पर विभिन्न थानों 111 मामले दर्ज है.

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