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जमशेदपुर के डॉ राजेश ने तैयार किया कोरोना को हराने के लिए ‘वायरस फ्री सॉल्यूशन’

Ranchi: झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले डॉ राजेश ने एक वायरस फ्री सॉल्यूशन तैयार किया है. यह लिक्विड फॉर्म में है और नॉन टोक्सिक है. नैनोवा हाइजीन प्लस टेक्नोलॉजी से बने इस सॉल्यूशन का नाम एंटी वायरल कोटिंग रखा गया है. यह लिक्विड किसी भी सतह को पूर्ण रूप से वायरस फ्री कर सकता है. इसके एक बार इस्तेमाल के बाद 90 दिन तक किसी भी तरह के जर्म्स नहीं पनप सकते हैं. इससे डॉक्टर राजेश के अलावा डॉ स्वपन घोष और डॉ फैजल अंसारी ने मिलकर तैयार किया है. इसे बनाने में एडवांस एंटीमाइक्रोबॉयल नैनो पार्टिकल्स टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है.

डॉ राजेश के अनुसार यह भारत में मौजूद वायरस टेस्टिंग के सभी पैमाने पर खरा उतर चुका है. इसके अलावा अमेरिका के नेल्सन लैब ने भी इसे 99 प्रतिशत वायरस फ्री प्रोडक्ट करार दिया है. उन्होंने बताया कि इसे पेटेंट कराने के लिए भी आवेदन किया जा चुका है. फिलहाल बाजार में इसके 1 लीटर की कीमत ₹350 है और 1 लीटर में 120 से 150 स्क्वायर फीट तक कवरेज देता है.

कैसे किया जाए इस्तेमाल

डॉ राजेश ने बताया कि या सॉल्यूशन पूरी तरह से पानी जैसा है. नैनोवा हाइजीन प्लस सॉल्यूशन का लेप किसी भी सतह पर लगाना होगा. लेप लगाने के बाद उस स्थान पर 90 दिन तक ह्यूमन कोरोना वायरस 229 E का खतरा नहीं रह जाता. उन्होंने बताया कि लेप लगाने के बाद अगर कोई कोरोना संक्रमित मरीज लिक्विड कोटेड जगह को छूता है तो इससे नैनो मलीकल एक्टिव हो जाते हैं और कोरोना वायरस को डीएक्टिवेट और न्यूट्रलाइज कर देते हैं.

2 से 3 साल तक एंटीबैक्टीरियल कोटिंग नाम से बाजार में बेचा जा चुका है

डॉ राजेश ने बताया कि इससे पहले दो-तीन साल तक एंटीबैक्टीरियल कोटिंग के नाम से बाजार में बेचा जा चुका है. कोरोना संक्रमण फैलने के बाद इस पर रिसर्च कर उसी मॉलिक्यूल को नेल्सन लैब से टेस्ट कराया गया और पाया कि यह पूरी तरह कारगर है. जिसके बाद इस प्रोडक्ट का नाम एंटीवायरल कोटिंग रखा गया है. डॉ राजेश ने बताया कि यह 90 दिन से भी अधिक प्रोटेक्शन दे सकता है. फिलहाल इसे 90 दिन के लिए ही टेस्ट किया गया है जिसके बाद बाजार में लाया गया है. बाद में इससे अधिक दिन के लिए टेस्टिंग कराकर क्लेम किया जाएगा.

डॉ राजेश का परिचय

डॉ राजेश जमशेदपुर के भारी डीके विजया गार्डन के रहने वाले हैं. इन्होंने आईआईटी बॉम्बे से पीएचडी की है. पीएचडी के बाद वे जर्मनी चले गए. जर्मनी से लौटकर डॉ स्वपन घोष और डॉ फैजल अंसारी के साथ मिलकर ‘नैनोवा केयर कोट’ कंपनी बनाई. इन तीनों की कंपनी ने मिलकर अब तक साथ प्रोडक्ट का पेटेंट कराया है.

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