न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने ली महिला की जान ! दोनों आरोपी डॉक्टर फरार

लिस के पहुंचते ही संचालक प्रदीप मंडल और दोनों डॉ अभिनन्दन कुमार और मनोज ठाकुर फरार हो गए

444

Dhanbad: झारखंड में हमेशा झोलाछाप डॉक्टर्स का खुलासा होता रहता है. बड़ी बात यह है कि ऐसे डॉक्टर्स का पता तब चलता है जब किसी मासूम की जान चली जाती है. शुक्रवार 24 अगस्त को सूबे के धनबाद जिला के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक महिला को जान से हाथ धोना पड़ा. धनबाद जिला प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद भी झोलाछाप डाक्टरों पर अंकुश नहीं लग रहा है.

इसे भी पढ़ें : ब्लू व्हेल के बाद अब मोमो चैलेंज ले रहा बच्चों की जान

फरार हुए अस्पताल संचालक समेत दोनों आरोपी डॉक्टर

मामला जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के किसान चौक के समीप गीतांजलि नर्सिंग होम का है. जहां गुरूवार रात महिला द्वारा कीटनाशक दवाई खाए जाने के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम में भर्ती करवाया था. इलाज के दौरान महिला की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की बात कही पर इलाज कर रहे डॉ अभिनन्दन और डॉ मनोज ठाकुर ने परिजनों की बात को अनसुना करते हुए जबरन इलाज करने लगे. इलाज शुरू करने के थोड़ी ही देर में महिला की मौत हो गई. परिजनों ने स्थानीय पुलिस को घटना सूचना दी लेकिन पुलिस के पहुंचते ही संचालक प्रदीप मंडल और दोनों डॉ अभिनन्दन कुमार और मनोज ठाकुर फरार हो गए.

इसे भी पढ़ें :न्यूजविंग इंपैक्टः महिला अफसर को परेशान करने का मामला, हजारीबाग DC से मांगी गई जानकारी 

मासूम मरीजों की जिंदगी से खेलते है डॉक्टर्स

परिजनों के आवेदन पर पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्मार्टम करने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है. प्रशासन द्वारा नर्सिंग होम को सील भी कर दिया गया है. वहीं धनबाद में इस तरह के झोलाछाप डॉक्टरों पर लगातार कारवाई करने के बावजूद ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल हो गया है. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ऐसे डॉक्टर्स पर लगाम लगाने की कोशिश में जुटे है. फिर प्रशासन की नाक के नीचे झोलाछाप डॉक्टरों का गोरख धंधा चलता है. धनबाद जैसे शहर में न जाने ऐसे कई नर्सिंग होम चल रहे हैं. जहां न जाने हर दिन कितने ही मासूम मरीजों की जिंदगी से ऐसे झोलाछाप डॉक्टर्स खेलते है.

इसे भी पढ़ें : इसे भी पढ़ेंःबोकारो भवन निर्माण विभाग की स्थिति दयनीय, तीन अवर प्रमंडलों में मात्र एक सहायक अभियंता

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: