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झारखण्ड के पारंपरिक आभूषण बने IITF में आकर्षण का केंद्र, पलाश ब्रांड ने की 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री

Ranchi : नयी दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) में झारखण्ड की सखी मंडलों के पलाश ब्राण्ड के उत्पाद लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं. विश्वस्तरीय उत्पादों के बीच भी राज्य की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद खरीद रहे हैं. 14 नवंबर से शुरू हुए मेले में अभी तक 4 लाख रुपये से अधिक मूल्य के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पहल पर सखी मंडल के उत्पादों को पलाश ब्राण्ड के जरिए एक नई पहचान और पारंपरिक आदिवासी आभूषण को आदिवा ब्राण्ड के तहत बाजार से जोड़ा गया है.

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ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को एक मंच देने के लिए नई दिल्ली के प्रगति मैदान में IITF अंतर्गत सरस आजीविका मेला का आयोजन हुआ है.

14 से 27 नवंबर तक चलने वाले इस मेले के जरिये देश भर की सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय पटल पर लाये जाने का प्रयास हो रहा है. साथ ही लोगों को हर एक राज्य की परंपरा और संस्कृति की झलक एक ही स्थान में मिल रही है.

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पलाश के उत्पादों की मेले में धूम

सरस आजीविका मेले में झारखण्ड के सखी मंडल की महिलाओं ने भी अपने उत्पादों के साथ हिस्सा लिया है. ग्रामीण महिलाएं ‘पलाश’ अंतर्गत 50 से ज्यादा उत्पादों की बिक्री कर रही हैं.

दिल्ली जैसे मेट्रो सिटी में सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित शुद्ध उत्पादों की काफी डिमांड देखी जा रही है. शहद, लेमन ग्रैस तेल, अरहर की दाल और ऐसे ही अन्य कई चीजें पसंद की जा रही हैं.

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पारंपरिक ज्वेलरी का आदिवा ब्रांड

ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए पारंपरिक ज्वेलरी को एक पहचान देने के लिए हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य में आदिवा ब्रांड की शुरुआत की गई है. आदिवा ब्रांड को राष्ट्रीय पटल पर ले जाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग हर संभव कोशिश कर रहा है, इसी कड़ी में आदिवा ज्वेलरी का प्रदर्शनी सह बिक्री स्टॉल सरस आजीविका मेले में भी लगाया गया है.

आदिवा के गहनों की चमक मेले में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. चाँदी सहित अन्य धातुओं से बने आभूषण दिल्ली के लोगों को काफी भा रहे हैं.

लोगों को पारंपरिक आभूषणों मे चाँदी के मंढली, झोंपा सीकरी,पछुवा, कंगना, डबल झुमका एवं मेटल से बने अन्य आभूषण काफी पसंद आ रहे हैं. मेले में विगत 4 दिनों में आदिवा ने 2.50 लाख रुपये से ज्यादा के ज्वेलरी की बिक्री हुई है.

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क्या कहती हैं सीइओ

जेएसएलपीएस की सीइओ नैन्सी सहाय कहती हैं कि सखी मंडल की बहनों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए जेएसएलपीएस लगातार कार्य कर रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदिवासी पारंपरिक ज्वैलरी का ब्राण्ड आदिवा लॉन्च किया गया. आईआईटीएफ में पलाश एवं आदिवा के उत्पादों की काफी अच्छी बिक्री हो रही है.

हमारी यह कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में तैयार करें ताकि वे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित कर सकें.

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