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आंदोलन की तैयारी में झारखंड के RTI कार्यकर्ता, 16 जुलाई को रांची में होगा जुटान

झारखंड में सूचना मांगने में हो रही परेशानी

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Ranchi : झारखंड में राज्‍य सूचना आयोग जानकारी मांगने वाले आरटीआई कार्यकर्ताओं को सूचना देने के लिए गंभीर नहीं है. एक ओर सूचना मिलती नहीं, वहीं दूसरी ओर आरटीआई कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमें और जान का खतरा बना रहता है. ऐसी ही कई गंभीर विषयों पर जन सूचना पदाधिकारियों और राज्‍य सूचना आयोग की अनदेखी को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.

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16 जुलाई को रांची में जुटेंगे RTI कार्यकर्ता

झारखंड में आरटीआई के लिए काम करने वाले सैकडों कार्यकर्ता 16 जुलाई को रांची के पंडरा में जुटेंगे. यहां पर सभी आरटीआई कार्यकर्ता कई महत्‍वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे.  जिसमें कुछ अहम मसले-

  • झारखण्ड राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचनायुक्त व राज्य सूचनायुक्त तथा सचिव व अवर सचिव तथा उनके निजी सहायक व कर्मचारियों के कार्य शैली में सुधार
  • सूचनायुक्त के रिक्त पदों की बहाली में सरकार द्वारा जानबुझकर विलम्ब करने
  • आयोग में संसाधनों की कमी को दूर करने की मांग
  • आरटीआई कार्यकर्ताओ की सुरक्षा तय करने की मांग
  • आरटीआई कार्यकर्ताओं पर झूठा व मनगढंत मुकदमा वापस लेने की मांग
  • सूचना आयोग सुनवाई में CCTV कैमरा लगवाने की मांग
  • मामले की सुनवाई VC द्वारा जिलास्तर पर जल्द शुरू करवाने की मांग
  • आरटीआई कानून की रक्षा व इसका जिला तथा ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार करवाने की मांग शामिल है.
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अपनी समस्याएं साझा करते हुए धनबाद के एक आरटीआई कार्यकर्ता महेश कुमार ने बताया कि जब भी हम किसी भ्रष्‍टाचार की खुलासे की मकसद से किसी विभाग से जानकारी के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन करते हैं तो हमें वहां के जनसंपर्क अधिकारी आसानी से जानकारी नहीं देते हैं. ज्‍यादातर मामलों में प्रथम और द्वितीय अपील करनी पड़ती है और सूचना लेने के लिए कई साल इंतजार करने के बाद भी नहीं मिलती है. ऐसा सिर्फ मेरे साथ नहीं होता है, बल्कि ज्‍यादातर आरटीआई कार्यकर्ताओं के साथ होता है.

आरटीआई कार्यकर्ता आनंद कुमार पंडा ने बताया कि झारखंड में सूचना के अधिकार अधिनियम कानून के जरिये जानकारी नहीं देने के लिए कई हथकंडे अपनाये जा रहे हैं. जो अधिकारी सूचना देने में आनाकानी या लापरवाही करते हैं उनके खिलाफ आयोग कार्रवाई भी नहीं करती है. अगर यह सिस्‍टम समय पर ठीक नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में भ्रष्‍टाचार पर नकेल कसना मुश्किल हो जायेगा. साथ ही आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के नजरिये से भी ठीक नहीं होगा. इसे रोकने के लिए अब हम आरटीआई कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं. आगामी 16 जुलाई को रांची के पंडरा में पूरे राज्‍य से आरटीआई कार्यकर्ता एकत्रित होंगे.

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