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कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता प्लेयर्स पर पड़ रही झारखंड के ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की मार’

Amit Jha

Ranchi : दो सप्ताह बीत गये. ब्रिटेन में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स से ऐतिहासिक परफॉर्मेंश के साथ झारखंडी प्लेयर वापस लौट आए. सीएम हेमंत सोरेन से लेकर मंत्री मिथिलेश ठाकुर और दूसरों से खूब मान सम्मान भी मिला. पर अब तक जो नहीं मिला वो है ईनाम. कारण कि अभी सरकार 7 STAR रिजॉर्ट का सुख लेने को झारखंड से बाहर घुम रही है. रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का मजा लिया जा रहा है. ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में चमकदार खेल दिखाने वाले खिलाड़ी इनाम की आस में मायूस हैं. दूसरे राज्यों में पदक विजेताओं को प्रोमोशन, इनाम की खबरों के बीच वे यहां आस लगाये दिन रहे हैं.

क्या कहती है खेल नीति

खेल विभाग ने नयी खेल नीति के आधार पर (10 जून, 2022 को जारी संकल्प के मुताबिक) खिलाड़ियों को इनाम देने की घोषणा की है. इसके मुताबिक कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेजल हासिल करने वाले खिलाड़ी को 10 लाख रुपये, सिल्वर के लिये 7 लाख और कांस्य के लिये 5 लाख रुपये की राशि तय की गयी है. इसके अलावे इस गेम में पार्टिसिपेट करने वाले खिलाड़ियों को 50 हजार रुपये दिये जाने का प्रावधान है.

झारखंड से लॉन बॉल (विमेंस-4 इवेंट) में दो महिला खिलाड़ियों रुपा रानी तिर्की और लवली चौबे ने गोल्ड हासिल किया था. इसके अलावे पुरुषों के लॉन बॉल (मेंस-4) में दिनेश कुमार, चंदन कुमार सिंह और सुनील बहादुर ने जलवा दिखाते सिल्वर पदक देश को दिलाया. इस तरह से लॉन बॉल खेल के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को कोई पदक दिलाने में झारखंडी खिलाड़ियों ने रोल अदा किया था जिसकी तारीफ पीएम मोदी ने भी की थी. इसके अलावे भारतीय महिला हॉकी टीम में शामिल सलीमा टेटे, निक्की प्रधान और संगीता कुमारी ने भी भारतीय टीम को कॉमनवेल्थ गेम में 16 सालों बाद कांस्य पदक दिलाने में खूब मेहनत दिखायी थी.

इस तरह से देखें तो लॉन बॉल और हॉकी में कुल 8 पदक (2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 ब्रांज) देश को दिलाए थे. खेल नीति को ही मानें तो रुपा और लवली को 10-10 लाख मिलने चाहिये. इसके अलावे दिनेश कुमार, चंदन और सुनील बहादुर को 7-7 लाख और सलीमा, निक्की और संगीता 5-5 लाख रुपये इनाम के तौर पर पाने की हकदार हैं.

दूसरे राज्यों की तुलना में झारखंड

कॉमनवेल्थ गेम से पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों पर दूसरे राज्यों में राज्य सरकार इनामों की सौगात और नौकरियों में प्रोमोशन का लाभ देना शूरू कर चुकी हैं. हरियाणा में तो राज्य सरकार के स्तर से गोल्ड मेडलिस्ट को डेढ़ करोड़, सिल्वर जीतने वालों को 75 लाख और कांस्य पदक जीतने वालों को 50 लाख रुपये दिये हैं. यहां तक कि चौथे स्थान पर रहने वालों को 15 लाख और इन खेलों में भाग लेने वालों को 7.50 लाख रुपये दिये हैं.

झारखंड की तरह यूपी के भी 8 खिलाड़ियों ने पदक जीते थे. वहां राज्य सरकार ने गोल्ड मेडल वालों को एक करोड़, सिल्वर को 75 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को 50 लाख रुपये का नकद इनाम देने की पहल शुरु की है. इसके अलावा सभी विजेताओं को राजपत्रित अधिकारी का भी पद मिलना है. हिमाचल प्रदेश सरकार ने खेल नीति के आधार पर गोल्ड मेडलिस्ट को 1 करोड़ जबकि सिल्वर जीतने वालों को 10 लाख नकद देने के अलावा मेडल विजेताओं को क्लास वन नौकरी दिए जाने की पहल की है. असम सरकार ने लॉन बॉल (विमेंस-4 इवेंट में शामिल) खिलाड़ी नयनमणि को 50 लाख नकद के अलावा पुलिस प्रशासन में डीएसपी या फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में डिप्टी कमांडेंट का पोस्ट दिए जाने की घोषणा 30 अगस्त को की है.

झारखंड में इंतजार जारी

गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम के बाद रांची वापसी पर सभी खिलाड़ियों से सीएम हेमंत सोरेन ने सीएम हाउस में भेंट की थी. उनके परफॉर्मेंश के लिये उनकी सराहना की थी. इस दौरान यह भी कहा गया था कि खिलाड़ियों को इनाम दिए जाने पर सरकार विचार कर रही है. सरकार उनके लिये कुछ अच्छा ही करेगी. पर इस आश्वासन को अब तक धरातल पर उतारा नहीं जा सका है.

इधर, जानकारी के मुताबिक खेल विभाग ने खेल निदेशालय को इनाम का राशि मुहैया कराये जाने के संबंध में सहमति, निर्देश दे दिये हैं. विभागीय सचिव अमिताभ कौशल ने भी इसे कंफर्म किया. हालांकि कुछ कारणों से निदेशालय के स्तर पर ही इसमें विलंब किया जा रहा है. इसके अलावा राज्य में जारी सियासी उठापटक के चलते भी इस प्रक्रिया में विलंब हो रहा है. दिनेश कुमार, लवली चौबे, सलीमा टेटे सहित अन्य खिलाड़ियों ने राज्य सरकार से इनामी राशि जल्द दिये जाने की उम्मीद जतायी है. कहा है कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा. आगे की खेल स्पर्धाओं में बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी.

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