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दिल्ली में पकनी शुरू हुई झारखंड की राजनीतिक खिचड़ी, कांग्रेस के बाद भाजपा भी रेस, बुलाई सांसदों की बैठक

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Ranchi: झारखंड की राजनीति का केंद्र दिल्ली बना हुआ है. दिल्ली में आज से झारखंड की राजनीतिक खिचड़ी पकनी शुरू हो गयी है. इस खिचड़ी का स्वाद किसे भायेगा और किसे नहीं ये तो भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है लेकिन प्रथम दृष्टया यही लग रहा है कि कुछ तो बात है जो झारखंड की महागठबंधन की सरकार की प्रमुख सहयोगी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा की अहम बैठक दिल्ली में हो रही है.

कांग्रेस विधायकों की राहुल गांधी के साथ होनेवाली बैठक की जानकारी तो दो दिन पहले से थी लेकिन आज अचानक भाजपा सांसदों की बैठक पूर्व प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के साथ हो रही है जिसमें भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी भी शामिल हो रहे हैं.

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कहीं यह आरपीएन का साइड इफ़ेक्ट तो नहीं

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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह के भाजपा में जाने के बाद से ही झारखंड की राजनीति में हलचल शुरू हो गयी है. आरपीएन के भाजपा का दामन थामने के तीन घंटे के भीतर कांग्रेस ने अविनाश पांडेय को न सिर्फ झारखंड का प्रदेश प्रभारी बना दिया बल्कि तत्काल उन्हें झारखंड कूच करने का भी आदेश दे दिया. सबसे पहले नए प्रभारी ने ranchi में कदम रखते ही विधायकों के साथ बैठक की. विधायकों के मन को टटोला. उनसे सरकार और संगठन का फीडबैक लिया. नए प्रभारी के ranchi से लौटने के एक सप्ताह के भीतर विधायकों की राहुल गांधी के साथ बैठक का तय होना, पार्टी के अंदरूनी कलह का कुछ न कुछ इशारा तो कर रहा है.

मालूम हो कि पिछले एक साल से कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस के विधायक सरकार से नाराज हैं. पहले भी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने नाराज विधायकों को मनाने का प्रयास किया. मुख्यमंत्री के साथ विधायकों की बैठक बुलाई गयी. इसके बाद भी कई मुद्दों पर कांग्रेस के विधायकों ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खडा किया है. आरपीएन पर प्रदेश नेतृत्व यह आरोप भले ही लगा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस विधायकों को बार-बार कहने पर भी राहुल गांधी से नहीं मिलने दिया, यह एक तरह से महज आईवास है. क्योंकि इस दौरान यह भी देखा गया है कि कई विधायक खुद समय लेकर राहुल गांधी से मिले हैं.

इसमें कोई दो राय नहीं है कि आरपीएन के कांग्रेस के कई विधायकों से मधुर संबंध थे. अब उनके भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को यह डर सता रहा है कि कहीं आरपीएन अपने साथ उनके विधायकों को ना तोड़ दे. यही वजह है कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट करने के लिए राहुल क्लास का आयोजन की है.

भाजपा सांसदों का ओम माथुर के साथ अहम् बैठक

इस बीच भाजपा के लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों की बैठक झारखंड के पूर्व प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के कार्यालय में होनी है. इस बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी भी शामिल हो रहे हैं. सनद रहे कि ओम माथुर को भाजपा आलाकमान ने विधानसभा चुनाव के समय झारखंड का प्रभारी बनाया था. पहले भी झारखंड से उनका नाता रहा है. वह झारखंड की राजनीति को अच्छी तरह से समझते हैं.

हालाँकि हर बुधवार को दिल्ली में झारखंड के सांसदों की बैठक पार्टी के किसी बड़े पदाधिकारी के साथ होते रहती है लेकिन इसमें ट्विस्ट तय है कि आखिर अचानक बुधवार की जगह मंगलवार को भाजपा ने सांसदों की बैठक क्यों बुलाई. सांसदों की बैठक में विधायक दल के नेता को क्यों बुलाया गया है. इस तरह की कई बातें है जो राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है. बहरहाल देखना है कि दिल्ली में जो हांड़ी झारखंड की राजनीति को लेकर चढ़ी है उसका परिणाम क्या होता है?

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