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देश के 111 जिलों में सबसे पिछड़ा है झारखंड का पाकुड़, नीति आयोग ने जारी की लिस्ट

शिक्षा के क्षेत्र में गुमला में हुए बेहतर सुधार

2,006

New Delhi: नीति आयोग द्वारा देश के 111 सबसे पिछड़े जिलों की सूची जारी की गई है. जिसमें झारखंड का पाकुड़ सबसे पीछे है, यानी पाकुड़ की दशा इन सभी जिलों में सबसे बद्दतर है. वही राज्य का चतरा जिला 109 वें और गिरिडीह 108वें स्थान पर है. झारखंड के तीन जिले निचले पायदान पर हैं, वहीं असम का हैलाकांडी जिला पिछड़े जिलों में 110वें नबंर पर है. जबकि तमिलनाडु का विरुदुनगर, ओडिशा का नौपाड़ा और उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थ नगर पहले तीन स्थान पर है. जबकि बिहार का औरंगाबाद जिला चौथे पायदान पर है.

सबसे कम बेहतरी दर्शाने वाले जिले

रैंकजिलाराज्‍य
107किफायरनागालैंड
108गिरिडीहझारखंड
109चतराझारखंड
110हैलाकांडीअसम
111पाकुड़झारखंड


देश के सबसे पिछड़े जिलों को सामाजिक आर्थिक विकास की सीढ़ी पर ऊपर पहुंचाने की सरकार की एक विशेष योजना के तहत कुल मिला कर सबसे अच्छी प्रगति करने वाले जिलों की ताजा सूची नीति आयोग ने जारी की है. 

विकास-आकांक्षी जिलों के बारे में नीति आयोग की यह सूची डेल्टा रैंकिंग के नाम से जारी की जाती है. और यह इसका दूसरा संस्करण है.

‘फास्ट मूवर्स’ जिलों में रांची दूसरे नबंर पर

ज्ञात हो कि डेल्टा रैंकिंग के नाम से नीति आयोग द्वारा जारी लिस्ट का ये दूसरा संस्करण है. वही पहला संस्करण जून 2018 में आया था. लेकिन जिन जिलों ने जून और अक्टूसबर 2018 के बीच बड़ी पहल की है और अपने-अपने स्कोार में गुणात्मदक छलांग लगाई है, उन्हेंत ‘फास्टह मूवर्स’ की संज्ञा दी गई है. इस फास्ट मूवर्स जिलों की सूची में जम्मू-कश्मीर का कूपवाड़ा पहले नबंर पर है, जबकि झारखंड की राजधानी रांची दूसरे नबंर पर है.

 फास्‍ट मूवर्स जिलों की सूची

जिलाराज्‍यजून 2018अक्‍टूबर 2018
कुपवाड़ा,
जम्‍मू-कश्‍मीर
1087
रांची,

झारखंड

10610
सिद्धार्थनगर,
उत्‍तर प्रदेश
1033
जमुई,

बिहार

999
फतेहपुर,
उत्‍तर प्रदेश
8225

 

जून 2018 की सूची में रांची का स्थान 106वां था, जो इस बार 7 वीं रैंकिंग पर है. वही बिहार का जमुई जिला इस लिस्ट में चौथे नबंर पर है.

छह पैमानों पर आंकी गई प्रगति

डेल्टा रैंकिंग के तहत एक जून, 2018 से 31 अक्टूबर, 2018 के बीच विकास की आकांक्षा रखने वाले 111 जिलों की विकास के छह पैमानों पर की गयी प्रगति को आंका जाता है. विकास के मानदंडों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेश, कौशल विकास और बुनियादी ढांचा शामिल हैं.

सर्वाधिक बेहतरी दर्शाने वाले जिले

रैंकजिलाराज्‍य
1विरुधुनगरतमिलनाडु
2नुआपाड़ाओडिशा
3सिद्धार्थनगरउत्‍तर प्रदेश
4औरंगाबादबिहार
5कोरापुटओडिशा

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच जनवरी, 2018 को आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की थी. विकास की आकांक्षा रखने वाले कुल 115 जिलों में से केवल 111 ने सर्वेक्षण में हिस्सा लिया. पश्चिम बंगाल के ऐसे तीन जिलों ने सर्वेक्षण में हिस्सा नहीं लिया वहीं बाढ़ की वजह से केरल का एक जिला इसमें हिस्सा नहीं ले सका. आकांक्षी जिलों की पहली डेल्टा रैकिंग को जून, 2018 में जारी किया गया था.

रैंकिंग के अनुसार इस साल जून से अक्टूबर के बीच शानदार पहल और उल्लेखनीय उछाल हासिल करने वाले जिलों में उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर, जम्मू-कश्मीर का कुपवाड़ा और बिहार का जमुई शामिल हैं. शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अधिक सुधार करने वाले तीन जिलों में तमिलनाडु का विरुदुनगर, ओडिशा का नौपाड़ा और झारखंड का गुमला शामिल हैं.

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