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झारखंड के ओडीएफ का कड़वा सच है हिंदबिलि गांव, आज भी ग्रामीण कर रहे हैं खुले में शौच

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Ranchi  : झारखंड राज्य पूरी तरह से शौच मुक्त हो चुका है? राज्य के 18 वें स्थापना दिवस के मौके पर झारखंड सरकार झारखंड को ओडीएफ अर्थात खुले में शौच मुक्त घोषित करने तैयारी कर चुकी है. गुरुवार को यह राज्य ओडीएफ  घोषित भी हो जायेगा. लेकिन सरकार के इस निर्णय को आइना दिखा रहा है झारखंड का ही एक गांव जहां के लोग आज भी खुले में शौच को मजबूर है. वह गांव है हिंदबिलि गांव. रांची लोकसभा क्षेत्र के खिजरी विधानसभा में पड़ता है. यहां के गांव वालों से मिलकर एक बात तो साफ हो जायेगी कि सिर्फ राज्य सरकार के कागजों पर ही झारखंड ओडीएफ हो पाया है. धरातल पर तो यह कोषों दूर है.

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राज्‍य सरकार अपनी पीठ खुद थपथपा रही है

मुलभूत सुविधाओं को भी तरसता इस गांव के पूरनपनिया टोला के हिंदबिलि गांव में एक भी ढंग का शौचालय नहीं है. गांव के सैकडों लोग खुले में ही शौच करने को विवश है. सिर्फ पुरनपनिया ही नहीं और राज्य में सैकडों, टोले और कस्बें ऐसे मिल जायेंगे जहां लोग आज भी खुले में ही शौच करते है. लेकिन राज्य सरकार अपनी पीठ थपथपाने को कोई मौका नहीं छोडना चाहती, बगैर ग्रांउड वर्क किए राज्य को ओडीएफ घोषित करने का मन बना चुकी है.

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अधूरे शौचालय में साइकिल रखने में हो रहा प्रयोग

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पुरनपनिया टोला में 12 शौचालय निर्माण कराने को स्वीकृति मिली थी. लेकिन इसमें सिर्फ 2 का ही निर्माण हो सका है. वह भी दोनों अधूरा. इस अधूरे निर्मित शौचालय का प्रयोग साइकिल रखने के लिए किया जाता है. शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा तो किया गया था लेकिन वह गड्ढा भी ऐसे ही छोड दिया गया. इस गड्ढे में कभी जानवर तो कभी बच्चे गिर जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मुखिया से शौचालय निर्माण के लिए निवेदन किया गया, लेकिन मुखिया बात को अनसुना कर देते हैं.

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2 अक्‍टूबर को ही होना था ओडीएफ घोषित

झारखंड को 2 अक्‍टूबर को ही ओडीएफ घोषित किया जाना था. लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण इस तिथि को बढा कर 15  नवंबर कर दिया गया. लेकिन पुरनपनिया टोला के हिंदबिलि गांव जैसे गांव को देख कर यही एहसास होता है सरकार भले ही राज्य को ओडीएफ घोषित करने में जल्दबाजी कर रही है लेकिन इस दिशा में अभी बहुत काम होने बाकी है.

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