न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

85,429 करोड़ झारखंड का 2019-20 का बजट, एक कार्यकाल में पांचवी बार बजट पेश करने वाले पहले सीएम बने रघुवर दास

राजस्व व्यय के लिए 65,803 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय के लिए 19,626 करोड़ शामिल हैं.

249

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री रघुवर दास ऐसे पहले सीएम बने, जिन्होंने एक कार्यकाल में पांचवी बार बजट पेश किया. वित्त वर्ष 2019-20 का बजट 85,429 करोड़ का है. जिसमें राजस्व व्यय के लिए 65,803 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय के लिए 19,626 करोड़ शामिल हैं. बजट पेश करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य को अपने कर राजस्व से करीब 20,850 करोड़, गैर कर राजस्व से 10,674.20 करोड़, केंद्रीय सहायता से 13,833.80 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 29,000 करोड़, लोक ऋण से करीब 11,000 करोड़ रुपए, उधार और अग्रिम की वसूली से करीब 71 करोड़ मिलेंगे. सरकार की तरफ से नए वित्त वर्ष के लिए राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 3,16,731 करोड़ का आंकलन किया गया है. जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10.5 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है.

चार सेक्टर पर स्पेशल जोर

सदन में बजट पेश करने के बाद सीएम रघुवर दास ने मीडिया के सामने बजट को ब्रीफ किया. सीएम से पहले योजना सह वित्त विभाग के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि इस बार के बजट में चार सेक्टरों को स्पेशल जोन में रखा गया है. हर बार ऐसे तीन जोन ही होते थे. इस बार स्पेशल जोन में बाल विकास, कृषि, जेंडर और एससी एसटी को रखा गया है.

–     कृषि का पिछला बजट 2675 करोड़ का था, जो इस बार 45 फीसदी बढ़कर 3891 करोड़ का हो गया है.

–     ऊर्जा का पिछला बजट 3460 करोड़ का था जो इस बार 30 फीसदी बढ़कर 4526 करोड़ का हो गया है.  

–     सिंचाई का पिछला बजट 2100 करोड़ का था जो इस बार बढ़कर 2526 करोड़ का हो गया है.

–     महिला बाल संरक्षण और सुरक्षा का पिछला बजट 3400 करोड़ का था, जो इस बार 26 फीसदी बढ़कर 4300 करोड़ का हो गया है.

–     सड़क का पिछला बजट 7200 करोड़ का था, जो इस बार 20 फीसदी बढ़कर 8625 करोड़ का हो गया है.

–     स्वास्थ्य का पिछला बजट 2600 करोड़ का था जो इस बार 15 फीसदी बढ़कर 2965 करोड़ का हो गया है.

इस बजट की नयी योजनाएं

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना

राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि कार्य के लिए आर्थिक सहायता देने के मकसद के साथ इस योजना को प्रारंभ करने का निर्णय लिया है. इस योजना के तहत राज्य के किसानों को प्रति एकड़ 5 हजार हर साल देगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली लाने की दिशा में ये एक मील का पत्थर साबित होगा.

सुजलाम सुफलाम योजना

झारखंड राज्य में पिछले कई वर्षों से सूखे की स्थिति उत्पन्न हुई है. इस स्थिति से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर इस योजना को लागू कर रही है. इस योजना के अंर्तगत सूखाग्रस्त इलाकों में नाले, झील, डैम और तालाबों में डिसिल्टेसन का कार्य किया जाएगा, ताकि इन ढांचों की पानी की कैपेसिटी बढ़े और कृषि कार्य में मदद मिले.

मीठी क्रान्ति

राज्य के 1200 किसानों को मधुमक्खी पालन के साथ जोड़ने के उद्देश्य के साथ 10 करोड़ रुपये की राशि से इस योजना की शुरुआत की गयी है. इस वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ की राशि से 12 हजार किसानों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

मुख्यमंत्री आजीविका संवर्द्धन योजना

राज्य की गांवों में प्रचलित पारंपरिक शिल्प कला एवं कौशल को विकसित करने की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री आजीविका संवर्द्धन योजना की शुरुआत की है. इस योजना के अंर्तगत सखी मंडलों की तर्ज पर पुरुषों के स्वयं सहायता समूह का गठन कर उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल और वित्तीय सहयोग दी जाएगी.

बिरसा जनजातीय विकास योजना

विशिष्ट जनजातीय परिवारों के जीवन उत्थान के लिए विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा, एवं जीविका में विशेष कार्य करने की आवश्यकता को देखते हुए बिरसा जनजातीय विकास योजना लायी गयी है. ताकि विशिष्ट जनजातीय परिवारों को मुख्य धारा में लाया जाएगा. इस योजना का प्रारंभ होने के साथ ही 10 हजार परिवारों को लाभ मिलने की बात कही गयी है.

अटल ग्रामोत्थान योजना

मॉडल गांवों को विकसित करने के क्रम में सरकार ने पाया कि ऐसे जरुरी निर्माण कार्य हैं, जिन्हें अन्य किसी योजना के जरिए अब तक नहीं कराया जा सका है और ना कराया जा सकेगा. ऐसे कामों को कराने के लिए अटल ग्रामोत्थान योजना को प्रारंभ करने जा रही है. इस योजना के प्रारंभ होने के साथ ही मॉडल गांवों का पूर्णरुपेण विकास हो सकेगा.

मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना    

इस योजना के अंतर्गत प्रतियोगिता परीक्षा के द्वारा आठवीं कक्षा के राज्य स्तर पर 1000 छात्रों का चयन कर उन्हें 12 हजार प्रति वर्ष, जिला स्तर पर 3600 छात्र- छात्राओं का चयन कर उन्हें प्रति वर्ष 6 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा. प्रखंड स्तर पर 2630 छात्रों का चयन कर उन्हें 3 हजार रुपये प्रतिवर्ष की दर से छात्रवृत्ति दी जाएगी. इस योजना से कुल 7230 छात्र- छात्राएं लाभांवित होंगे.

साक्षर झारखंड अभियान

इस योजना को वित्तीय वर्ष 2019- 2020 में प्रारंभ किया जाएगा, इस योजना के अंतर्गत राज्य के 5 जिलों तथा पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, खूंटी, सिमडेगा, जामताड़ा जो साक्षर भारत योजना से आच्छादित नहीं थे. पूर्व में चिन्हित 12,19,200 निरक्षरों को साक्षर बनाने की कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री आरोग्य कुंजी योजना

राज्य में कार्यरत 40000 सहिया को एक आरोग्य कुंजी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके द्वारा वे तत्काल प्राथमिक उपचार दे सकेंगी. ग्रामीण परिवारों को सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं घर पर ही प्राप्त हो सकेगी . आवश्यकता होने पर रोगियों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में भेजा जाएगा.

मुख्यमंत्री बाइक एंबुलेंस योजना

राज्य के दूरस्थ इलाकों में तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री बाइक एंबुलेंस योजना प्रारंभ की जाएगी, इस बाइक में साइड कार रहेगी. जिसमें गंभीर रोगी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा. इस एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. दुर्गम क्षेत्र के रोगियों के लिए यह सेवा वरदान साबित हो सकती है.

इसे भी पढ़ें – वित्त वर्ष 2019-20 के लिए रघुवर सरकार ने 85,429 करोड़ का बजट किया पेश, सीएम बोले, मैं गीत नया गाता…

इसे भी पढ़ें – राज्य में अब तक बिक चुके हैं 1.35 करोड़ के एलईडी बल्ब, एक ही साल में हो गये 25 हजार फ्यूज

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: