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पारा शिक्षकों की पिटाई के विरोध में कांग्रेस का राज्य भर में प्रदर्शन, सभी जिलों में दिखा सरकार विरोधी तेवर

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Ranchi: लंबे समय से आंदोलनरत पारा शिक्षकों और पत्रकारों पर पुलिस की लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को राज्य के सभी जिलों में कांग्रेस पार्टी ने धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान सभी जिलाध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में काला बिल्ला लगाकर सरकार विरोध प्रदर्शन किया. राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरने के दौरान पार्टी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने रघुवर सरकार पर जमकर अपनी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग कर रहे पारा शिक्षकों पर प्रशासन ने जिस तरह बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की, वह काफी निंदनीय है. ऐसा कर रघुवर सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रही है. इस दौरान राज्य के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों से बातकर सरकार विरोध प्रदर्शन की जानकारी ली. जहां एक तरफ विपक्ष पारा शिक्षकों और मीडियाकर्मियों की पिटाई के विरोध में प्रदर्शनरत हैं. पलामू जिला में प्रशासन ने न केवल पारा शिक्षकों का एक बार फिर पिटाई की, बल्कि कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ भी दुर्व्यवहार भी किया.

जानिए कांग्रेस के किस जिला अध्‍यक्ष ने क्‍या कहा

रांची: जालियावाला बाग की तरह काम कर रही रघुवर सरकार

ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुरेश बैठा ने कहा कि रघुवर सरकार ने तानाशाही नीति को अपना कर पारा शिक्षकों और मीडियाकर्मियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया. ऐसा कर सीएम ने साबित किया कि जिस तरह जालियावाला बाग में जनरल डायर ने गोली चला कर निर्दोषों की हत्या की थी, उसी तरह अब रघुवर सरकार निर्दोषों पर जानलेवा हमला करने लगी है. वहीं शिक्षक नियुक्ति में राज्य के बाहर के छात्रों की बहाली पर विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि जब भाजपा के ही सांसद रामटहल चौधरी ने मांग लिख कर शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को रद्द करने की मांग की है. उससे साबित होता है कि भाजपा सांसद भी सरकार की कार्यशैली से नाराज है.

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पलामू: पारा शिक्षकों पर फिर लाठीचार्ज, कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पुलिस ने की दुव्यवहार

पलामू जिला अध्यक्ष जैश रंजन पाठक ने बताया कि जिले में सीएम के कार्यक्रम होने के कारण सरकार विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गयी थी. इसके बावजूद कार्यकर्ताओं सहित पारा शिक्षकों ने सरकार विरोध प्रदर्शन किया, तो एकबार फिर सरकार ने पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया. साथ ही जिला पार्टी मुख्यालय में आयोजित इंदिरा गांधी के कार्यक्रम में भी कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया था.

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कोडरमा: शिक्षा मंत्री करती हैं प्रतिनिधित्व, यहां के पारा शिक्षकों पर कार्रवाई जायज नहीं

जिला अध्यक्ष मनोज सहाय पिंकू ने बताया कि पारा शिक्षकों और मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज कर सरकार ने छोटी मानसिकता का परिचय दिया है. एक तरफ राज्य की शिक्षा मंत्री नीरा यादव कोडरमा क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करती हैं. दूसरी तरफ जिला के पारा शिक्षकों पर सरकार ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की. जो कि किसी तरह से भी जायज नहीं है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय में धरना प्रदर्शन किया. वहीं मंगलवार को डोमचांच प्रखंड में नीरा यादव और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा.

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धनबाद: खत्म हो चुका है लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस है बेबस

धनबाद जिला अध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि जब से राज्य में भाजपा सरकार आयी है, तब से एक भी युवा को स्थायी नौकरी नहीं मिली है. उच्चतम न्यायलय का कहना है कि समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाये. दूसरी तरफ पारा शिक्षकों को कम वेतन देकर सरकार हिटलरशाही रवैया अपना रही है. केवल राजधानी में नहीं बल्कि धनबाद में भी लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गयी है. पुलिस पूरी तरह से बेबस है.

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रामगढ़:  गुरूओं का अपमान कर रही है रघुवर सरकार

रामगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुन्ना पासवान ने कहा कि पारा शिक्षकों और मीडियाकर्मियों पर की गयी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई से पार्टी पूरी तरह आहत है. गुरूओं जैसे पारा शिक्षक का अपमान कर रघुवर दास सरकार ने यह बता दिया है कि पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत पारा शिक्षकों से कोई हमदर्दी नहीं है.

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गिरीडीह: प्रजातंत्र पर हमला है लाठीचार्ज

जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश वर्मा ने कहा कि पारा शिक्षकों व मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज करना एक तरह से प्रजातंत्र पर हमला है. पहले भी इन पारा शिक्षकों ने मोरहाबादी मैदान पर अपनी मांगों को लेकर धऱना प्रदर्शन किया था, तब भी सरकार ने इनपर लाठी चार्ज करवाई की थी. ऐसा कर सरकार ने फिर साबित किया है कि वह गुंडों जैसा व्यवहार करने को उतारू हो गयी है.

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लोहरदगा: भारतीय सभ्‍यता के पुरोहित है शिक्षक, मांग को अविलंब पूरा करे सरकार

लोहरदगा जिला कांग्रेस साजिद अहमद ने कहा कि पारा शिक्षक गुरूओं के समान है. भारतीय सभ्यता व संस्कृति में इनका विशेष दर्जा है. वे एक तरह से पूरोहित के समान है. इनकी मांग पूरी तरह जायज है. सरकार को चाहिए कि मांगों को अविलंब पूरा करें.

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गुमला: 12 साल में नहीं हो सकी सड़क निर्माण, करती है विकास की बात

गुमला जिला अध्यक्ष रोशन बारवा ने बताया कि पारा शिक्षकों व मीडियाकर्मियों की पिटाई कर सरकार अपनी नाकामी को छुपाने का काम किया है. अगर जिले के बाईपास में बनने वाले सड़क की बात करें, तो सरकार इसे 12 सालों में भी नहीं बना पायी है. वहीं विकास की बात कर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है. शिक्षक नियुक्ति में स्थानीय नीति का पालन किये बिना सरकार बाहरी लोगों को नौकरी दे रही है.

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सिमडेगा: गोली-डंडा की सरकार है रघुवर सरकार

सिमडेगा जिला अध्यक्ष अनुप केशरी ने कहा कि पारा शिक्षकों और मीडियाकर्मियों पर जानलेवा हमला करवाना कहीं से जायज नहीं है. अधिकारों की मांग कर रहे इन पारा शिक्षकों और रसोईया संघ की महिला कार्यकर्ताओं पर सरकार ने जैसा व्यवहार किया, वह किसी तरह से जायज नहीं है. रघुवर सरकार आज गोली-डंडा की सरकार बन गयी है.

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गढ़वा: पारा शिक्षकों की मांगों का अंतिम समय तक साथ देगी कांग्रेस

गढ़वा जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार तूफानी ने बताया कि सरकार के तानाशाही रवैया के विरोध में सोमवार को कार्यकर्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं. कांग्रेस पार्टी उनकी मांगों को लेकर अंतिम समय तक साथ देगी.

लातेहार: स्कूलों के विलय से छात्र हो रहे प्रभावित

लातेहार जिला अध्यक्ष मनेश्वर उरांव ने कहा कि कम वेतन पर काम कर रहे पारा शिक्षक आज अपने सम्मान के लिए संघर्षरत है. उनकी मांगों को सरकार पूरा नहीं करना चाह रही है. वहीं रघुवर सरकार स्कूलों का विलय करने का काम कर रही है. विलय होने का सबसे बुरा प्रभाव गांवों में रहने वाले छात्रों पर पड़ेगा. उन्होंने मांग कि सरकार अविलंब जेल भेजे गये पारा शिक्षक की रिहा करें. यूपीए सरकार ने हमेशा इन पारा शिक्षकों के साथ सम्मानजनक वार्ता कर उनकी मांगों को पूरा करने का काम किया है. जबकि रघुवर सरकार ऐसा नहीं कर रही है.

बोकारो: छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मिले पारा शिक्षकों को लाभ

बोकारो जिला अध्यक्ष मंजूर अंसारी ने बताया कि पारा शिक्षकों और मीडियाकर्मियों पर हमला कर सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया है.  सरकार को चाहिए कि पारा शिक्षकों पर हुई प्राथमिकी को वापस कर उनकी मांगो को पूरा करे. वहीं छतीसगढ़ की तर्ज पर इन्हें वेतन मिले.

चतरा: आइना तोड़ दें, तो सच कैसे आएगा सामने

चतरा जिला अध्यक्ष इमदाद हुसैन ने कहा कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है. मीडिया आइना दिखाने काम करती है. अगर आइना को ही तोड़ दिया जाये, तो सच दिखाने का काम कौन करेगा. उन्होंने पारा शिक्षकों के मांगों को जायज बताकर सरकार से सहयोग करने की अपील की.

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