न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झारखंडियों को बेघर करने की हो रही है साजिश : उमाकांत

71

Bokaro : रघुवर दास आदिवासी-मूलवासियों का अस्तित्व ही मिटाना चाहते हैं. आदिवासी-मूलवासियों की परंपरा एवं मान्यताओं का सरकार पग-पग पर अपमानित कर रही है. झारखंडियों को बेघर करने की साजिश रची जा रही है. उक्त बातें राज्य के पूर्व मंत्री उमाकांत रजक ने चंदनकियारी विधानसभा क्षेत्र में लगातार चलाये जा रहे पदयात्रा के दौरान आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा.

इसे भी पढ़ें- राज्य के 70 हजार पारा टीचर गोलबंद: अब आर-पार की लड़ाई, सरकारी आदेश दरकिनार कर 20 से जेल भरो आंदोलन

बाहरी लोग मौज कर रहे हैं

रजक ने कहा कि आज मूलवासी लाठी और गोली खा रहा है और बाहरी लोग मौज कर रहें है. प्लस टू शिक्षक नियुक्ति मामले में 75 फीसदी दूसरे राज्य के लोगों को बहाल किया गया है. जबकि इस राज्य में काफी पढ़े-लिखे युवा इस पद के दावेदर बने हुए थे, लेकिन सभी को सरकार ने साजिश के तहत दरकिनार कर दिया. अपने हक और अधिकार के लिए संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे पारा शिक्षकों के साथ साथ तमाम संविदा कर्मियों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई भी सरकार कर रही है. उन्होंने कहा कि इसी तरह अपमानित होने के लिए यहां के लोगों ने कुर्बानी देकर अलग झारखंड के लिए आंदोलन किया. अलग राज्य का गठन झारखंडियों का अस्तित्व को मिटाने के लिए नहीं हुआ था, लेकिन यह सरकार जन भावनाओं के विपरित जाकर काम कर रही है. जिसे अब झारखंड की जनता बर्दाश्‍त नहीं करेगी.

इसे भी पढ़ें- रांची से अपहृत जूता-चप्पल व्यवसायी उदय ठाकुर का नरकंकाल चतरा के चकला पहाड़ से बरामद

सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्‍प लें

पूर्व मंत्री रजक ने अपने समर्थकों के साथ चंदनकियारी विधानसभा के डुमरदा, पाठकडीह, बिजुलिया, टुघरी, बाटविनोर समेत कई गांवों का दौरा कर जनसंपर्क कर लोगों की समस्याओं को सुना. रजक ने जन समुदाय को आह्वान करते हुए कहा कि शहीदों और बलिदानियों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए आदिवासी मूलवासियों को चट्टानी एकता को स्थापित करते हुए रघुवर दास को उखाड़ फेंकने का संकल्प लें. तभी सपनों का झारखंड बनेगा. मौके पर महादेव माहथा, बासुदेव रजवार, निमाई गोप, अश्विनी माहथा, हाफिज कलीम, परशुराम महतो, विकास रजक, रंजीत माहथा, त्रिवेदी माहथा, मुकेश बाउरी, कपिल रजवार, रविश्‍वर महतो, अशोक रजक, सचिन माहथा, किशोर उपाध्याय, ढुल्लू महतो, कुमार महतो, दुर्योधन रजक, विशाल माहथा समेत कई लोग मौजूद थे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: