Jharkhand Vidhansabha Election

#JharkhandElection: हजारीबाग और रामगढ़ की सभी छह विधानसभा सीटों पर मिल रही है बीजेपी को कड़ी टक्कर

Ranchi: तीसरे चरण में हजारीबाग और रामगढ़ जिले की विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है. दोनों जिलों को मिला कर छह विधानसभा सीटें हैं. फिलहाल छह में दो हजारीबाग और बरकट्ठा विधानसभा सीट बीजेपी के हिस्से है. मांडू-जेएमएम, बरही-कांग्रेस, बड़कागांव-कांग्रेस और रामगढ़-आजसू के हिस्से में है.

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इस बार इन सभी सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन सभी सीटों पर बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल रही है. बीजेपी के अलावा दूसरे दलों के चुनावी समीकरण भी काफी बेहतरीन हैं. बीजेपी हर हाल में जीत के लिए मोहरे चल रही है, तो दूसरे दल सीट को बचाने के लिए बीजेपी को मात देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.

हजारीबागः इस विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है. इस सीट को बीजेपी एक सुरक्षित सीट मानती है. मनीष जायसवाल बीजेपी से विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस के आरसी मेहता और जेवीएम के मुन्ना सिंह से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल रही है.

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कांग्रेस ने एक महतो उम्मीदवार को उतार कर बीजेपी का समीकरण थोड़ा खराब किया है. हजारीबाग में महतो वोट काफी संख्या में है. वहीं अल्पसंख्यक मुस्लिम वोटरों की बहुतायत भी इस सीट पर है. वोटरों के इस समीकरण के तहत कांग्रेस आगे बढ़ रही है तो वहीं बीजेपी अपने वोटरों को छिटक कर कहीं और न चले जाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है. इस सीट पर सीधी फाइट कांग्रेस और बीजेपी के बीच बतायी जा रही है.

मांडूः इस विधानसभा सीट की लड़ाई की सबसे खास बात यह है कि यहां तीन पटेल भाई मैदान में हैं. जेएमएम के सीटिंग विधायक जय प्रकाश भाई पटेल ने बीजेपी का दामन थामा तो बड़े भाई राम प्रकाश भाई पटेल ने पिता की राजनीतिक विरासत को देखते देते हुए जेएमएम से टिकट ले लिया. वहीं चचेरे भाई चंद्रनाथ भाई पटेल जेवीएम के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं. कहनेवाले कह रहे हैं कि पूरा मांडू विधानसभा कन्फ्यूज है कि आखिर टेकलाल महतो की राजनीतिक विरासत किसके पास है.

इस बीच कांग्रेस के महेश सिंह भी मजबूती से चुनाव प्रचार में जुटे हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि इन तीनों भाई की लड़ाई का फायदा इस बार महेश सिंह को मिल सकता है. कुल मिला कर बीजेपी को यहां एक उम्मीदवार से नहीं बल्कि तीन उम्मीदवार से जीतना होगा.

बरहीः कांग्रेस से जीत कर मनोज यादव अब बीजेपी से यहां का चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि बीजेपी से चुनाव लड़ते हुए 2014 में हार का समाना करनेवाले उमाशंकर अकेला इस बार कांग्रेस से मैदान में हैं. इन्हीं दोनों के बीच सीधी फाइट की बात हो रही है. यहां के राजनीतिक समीकरण की बात करें तो बीजेपी से टिकट की दावेदार साबी देवी के समर्थक और बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता बीजेपी के उम्मीदवार बदले जाने से थोड़े नाराज चल रहे हैं. तो वहीं मनोज यादव अपने पुराने समर्थक और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ जोर-शोर से चुनावी प्रचार करने में लगे हैं.

बड़कागांवः मौजूदा विधायक निर्मला देवी की बेटी अंबा प्रसाद को कांग्रेस ने टिकट दिया है. यूं तो इस विधानसभा क्षेत्र का रिकॉर्ड हैट्रिक लगाने की है. दो बार एक ही परिवार से एक बार योगेंद्र और एक बार उनकी पत्नी निर्मला देवी जीत चुकी हैं. तीसरी बार उनकी बेटी अंबा चुनाव लड़ रही हैं. तो वहीं बीजेपी से तीन बार विधायक रह चुके लोकनाथ महतो और आजसू के रोशल लाल चौधरी अंबा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. रोशन लाल चौधरी क्षेत्र में काफी सक्रिय दिख रहे हैं.

बरकट्ठाः जेवीएम से चुनाव जीत कर बीजेपी में शामिल होनेवाले जानकी यादव यहां के मौजूदा विधायक हैं. बीजेपी ने उन पर भरोसा तो जताया है. लेकिन उनके ही भतीजे अमित यादव निर्दलीय चुनाव लड़ कर उनकी जीत के पहिए को रोकना चाह रहे हैं. बताया जा रहा है कि इन दोनों के बीच काफी टफ फाइट होने जा रही है.

रामगढ़ः सांसद बने सीपी चौधरी का मोह रामगढ़ सीट से भंग नहीं हुआ है. लिहाजा आजसू ने यहां किसी दूसरे कार्यकर्ता को टिकट न देते हुए सीपी चौधरी की पत्नी सुनीता चौधरी को टिकट दिया है. सीपी चौधरी विधायकी को अपने घर में रखने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस की ममता देवी उन्हें कड़ी टक्कर दे रही हैं. वहीं बीजेपी से कुंटू बाबू भी मैदान में हैं.

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