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Jharkhand : इस साल भी जारी रहेगा बोर्ड-निगम व आयोगों के गठन का इंतजार, नेताओं-कार्यकर्ताओं में बेचैनी

Ranchi : इस साल भी बोर्ड-निगम या आयोगों के गठन का चांस नहीं है. सत्तारुढ़ झामुमो, कांग्रेस और राजद के नेताओं-कार्यकर्ताओं को इस सौगात के लिये अभी और इंतजार करना होगा. जानकारी के अनुसार अब तक निगम, आयोगों में पदों के बंटवारे को लेकर फार्मूला भी तय नहीं हो पाया है. जो स्थिति है, उसके मुताबिक इस साल भी बचे दो महिनों में इस पर काम संभव नहीं होगा. ऐसे में सरकार गठन के बाद ये तीसरा मौका होगा जब गठबंधन दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं का पदों के लिये अपनी जगह बनाने का बस इंतजार ही रह जायेगा. ऊपर से मुख्य विपक्षी दल भाजपा, आजसू सालों से खाली पड़े पद को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साधे जा रही है.

तीन साल से हो रही है फॉर्मूले की तलाश

गौरतलब है कि सत्तारुढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस बोर्ड-निगम और आयोगों के गठन को लेकर बेचैन दिखती रही है. राजद भी यदाकदा इसे लेकर उदासी जताता रहा है. कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में यह एक अहम मुद्दा बनता रहा है. पार्टी संगठन के अंदर इसे लेकर लगातार आवाज उठती रही है. कांग्रेस के पूर्व प्रभारी आरपीएन सिंह से लेकर वर्तमान प्रभारी अविनाश पांडे इसे लेकर पार्टी नेता अपनी दुखड़ा जताते रहे हैं. इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन के पास भी कई दफा चर्चा हो चुकी है. पर अब तक सिवाय फॉर्मूला तलाशे जाने की बातों के अलावा जमीनी तौर पर कुछ भी नहीं उतर पाया है. हालांकि, जेएमएम सहयोगी दलों को भरोसा दिलाता रहा है कि 20 सूत्री की तरह ही अगले कुछ दिनों में बोर्ड-निगम का बंटवारा भी हो जाएगा. इसको लेकर संगठन और सरकार के स्तर पर तैयारी चल रही है. वैसे इन सारी बातों को भी तीन बरस बीत गये. इन सब के बीच बोर्ड–निगम या आयोग के बंटवारे का इंतजार प्रदेश से लेकर जिला तक के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को है. वैसे अब कहा जा रहा है कि अभी हाल के दिनों जिस तरह राज्य सरकार ताबड़तोड़ निर्णय ले रही है, ठीक उसी तरह बोर्ड–निगम या आयोग का बंटवारा भी जल्द हो जाएगा.

लंबित आवेदनों का लगा है अंबार

राज्य के अंदर महिला आयोग से लेकर सूचना आयोग तक कुछ ऐसे पद रिक्त है जिसको लेकर बीजेपी लगातार सरकार पर निशाना साध रही है. आयोगों में पद के रिक्त होने से इसका सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ रहा है. हजारों की संख्या में राज्य की जनता के आवेदन लंबित पड़े हैं. महिला आयोग में शोषित और उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के आवेदन लंबित पड़े हैं. सूचना आयुक्त जैसे पद भी फिलहाल रिक्त हैं. बोर्ड-निगम या आयोग का बंटवारा नहीं होने से राज्य के काम-काज पर तो असर पड़ ही रहा है. इसके साथ-साथ गठबंधन दल के नेता भी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं. अब देखना होगा कि आखिर कब तक राज्य के खाली पड़े प्रमुख पद भरे जाएंगे.

झारखंड में खाली पड़े आयोगों की सूची

महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, समाज कल्याण आयोग, लॉ कमीशन, बाल संरक्षण आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, झारखंड आवास बोर्ड, राज्य खादी बोर्ड, राज्य सूचना आयोग, रेरा, लोकायुक्त, राज्य निःशक्तता आयुक्त, राज्य के 22 जिलों में स्थित उपभोक्ता फोरम आदि.

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