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झारखंड में लोकसभा चुनाव कराने में खर्च होंगे 177 करोड़ रुपये

विस चुनाव के लिए अलग से पारित होगा बजट, मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग के प्रस्ताव में भारी कटौती

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Ranchi: राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को लोकसभा चुनाव 2019 संपन्न कराने के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि (जेसीएफ) से 177 करोड़ रुपये दिये गये हैं. मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग के प्रस्ताव में भारी कटौती की गयी है.

पहले विभाग ने 353 करोड़ का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा था. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए उपर्युक्त राशि जेसीएफ से देने का निर्णय लिया गया.

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नवंबर माह में होनेवाली राज्य विधानसभा के चुनाव को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में अनुपूरक बजट पारित कर खर्च के प्रस्ताव को मंजूरी दी जायेगी.

जानकारी के अनुसार, विधानसभा के बजट सत्र में मंत्रिमंडल निर्वाचन के लिए 61.33 करोड़ रुपये का अगले वित्तीय वर्ष के बजट का प्रस्ताव रखा गया था, जो पास नहीं कराया जा सका था.

पुराने वित्तीय वर्ष के बजट से ही निर्वाचन से संबंधित मतदाताओं को पहचान पत्र निर्गत करने, स्वीप कार्यक्रम चलाने, मतदाताओं के लिए जागरुकता अभियान, पोलिंग पार्टी की ट्रेनिंग और अन्य कार्यक्रम संचालित किये जा रहे थे.

लोकसभा चुनाव 2019 में मतदाताओं को जागरुक करने के लिए पोस्टर, बैनर बनाने से लेकर सोशल मीडिया तक का इस्तेमाल भी पुराने बजट के पैसे से ही हो रहा था.

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देश भर में 11 मार्च को शुरू हुई थी चुनावी प्रक्रिया

देश भर में सात चरणों में होनेवाले लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 11 मार्च से ही शुरू हो गयी थी. इसी दिन से आदर्श आचार संहिता भी देश भर में लागू है. राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को भी नये वित्तीय वर्ष 2019-20 को लेकर बजट का प्रावधान नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था.

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हेलीकॉप्टर यात्रा पर 10 करोड़ से अधिक खर्च करने की स्वीकृति

सरकार की तरफ से लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा प्रचार के लिए लिये जानेवाले हेलीकॉप्टर की सुविधाओं में 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने को मंजूरी दी गयी है.

बीएएलओ का मानदेय, मतदाता सूची के प्रकाशन, कार्यालय व्यय, मतदाता जागरुकता अभियान चलाने की मंजूरी दे दी गयी है. राज्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय खर्च में 101 करोड़ रुपये दिये जायेंगे.

कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों का वेतन, भत्ता, मानदेय, बिजली का खर्च और अन्य के लिए 10 करोड़ से अधिक की स्वीकृति वित्त विभाग ने दे दी है. मतदाता सूची के प्रकाशन के लिए तीन करोड़, स्वीप कार्यक्रम चलाने के लिए 16 करोड़, बीएएलओ को मानदेय देने के लिए 24 करोड़ रुपये दिये जायेंगे.

इनके अलावा मतदान केंद्रों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती, सभी क्लस्टरों तक पुलिस और मतदान कर्मियों को पहुंचाने के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है.

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