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Jharkhand: शिक्षकों के हित और उम्मीदवारों की उम्मीद से जुड़ी नियमावलियों पर शिक्षा मंत्री की मुहर, विभागीय अनुमति के बाद जल्द लागू होंगी

Ranchi : झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से शिक्षकों के हित और उम्मीदवारों की उम्मीदों के अनुरूप तीन अहम नियमावलियां बनायी गयी है. इनमें से एक शिक्षकों के स्थानांतरण से जुडी चिरप्रतीक्षित नियमावली है. वहीं दो अन्य नियमावलियां रोजगार से जुडीं हैं. तीनों नियमावलियों पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की मुहर लग चुकी है. अब इन नियमावलियों पर विधि, वित्त और कार्मिक विभाग की अनुमति मिलनी है.

जानिए, हित और उम्मीद से जुडी नियमावलियों के बारे

1. शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण नियमावली

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लंबे समय से प्रतीक्षारत और कई संसोधन के बाद अंततः शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण नियमावली 2019 फाइनल हो चुकी है. इससे संबंधित नियमावली बन चुकी है. इस नियमवाली को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने सहमति दे दी है. विभागीय सूत्रों के अनुसार नियमावली की फाइल विधि विभाग में अध्ययन के लिए गयी हुई है.

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क्या है संसोधित नियमावली

अंतर जिला स्थानांतरण नियमावली 2019 में संसोधन किया गया है. संसोधित नियमावली में कई परिस्थितियों का जिक्र किया गया है, जिसके आधार पर शिक्षकों को स्थानांतरित किया जायेगा. दिव्यांग, गंभीर रोग से ग्रसित होने या पति-पत्नी दोनों के शिक्षक के होने की स्थिति में ही अंतर जिला स्थानांतरण का लाभ लिया जा सकेगा. ऐसा नियुक्ति के बाद पांच साल की सेवा करने के बाद ही मिल सकेगा.

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नियमावली के मुताबिक उक्त शर्तों के आधार पर सेवा का लाभ पूरा सेवाकाल लिया जा सकेगा. अन्य नियमों की बात करें तो महिला शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए वर्ष की बाध्यता नहीं होगी. पति-पत्नी में से कोई अगर एक शिक्षक हैं व दूसरे राज्य के किसी अन्य विभाग (केवल केंद्रीय सेवा) कार्यरत हैं, तो भी स्थानांतरण का अवसर दिया जायेगा. अगर कोई शिक्षिका नियुक्ति के समय अविवाहित थी और फिर शादी हो जाती है तो इस स्थिति में भी स्थानांतरण लिया जा सकेगा.

2. प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली

जिस नियमावली के आधार पर 60 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति करने की घोषणा शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने की है वह प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली ही है. इस नियमावली के अनुसार ही प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी. तैयार नियमावली को कार्मिक व वित्त विभाग को भेजा गया था. जिसे स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग को वापस भेजते हुए दोनों विभाग ने कई बिंदुओं पर जानकारी मांगा है.

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क्या है नियमावली

प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली में नयी नियोजन नीति के अनुरूप ही झारखंड से मैट्रिक और इंटर होना अनिवार्य किया गया है. इस नियमावली में पारा शिक्षकों को आरक्षण दिए जाने और पारा शिक्षकों के लिए 50 फीसदी पद आरक्षित किया गया है.

3. शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली

झारखंड में शिक्षक बनने की पात्रता के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली बनायी गयी है. यह नियमावली राज्य गठन के बाद तीसरी बार संसोधित कर के बनाया गया है. तैयार नियमावली को विधि एवं वित्त विभाग की सहमति मिल गयी है. कार्मिक विभाग से नियमावली को सहमति मिलना अभी बाकी है. इसके लिए संबंधित फाइल भेजने की तैयारी की जा रही है.

क्या है नियमावली

शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जो संसोधित नियमावली है उसमें भी शामिल होने के लिए भी अब अभ्यर्थी को झारखंड से मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा पास होना अनिवार्य होगा. साथ ही अब भाषा के दो पत्र को एक सामान अंक का किया गया है. इसके तहत अब उर्दू और अंग्रेजी दोनों भाषा की परीक्षा अब 25 -25 अंकों की होगी. इसके अलावा विज्ञान के विभिन्न विषयों में भी एक सामान अंक होंगे. साथ ही अब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा पास करने के लिए 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा. अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों के पास मार्क्स पहले की तरह ही रहेंगे.

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