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Jharkhand: कोरोना टेस्ट के किट की भारी कमी, सरकार ने एजेंसी को सौंपा जांच का काम

Anita Gupta

Ranchi: राज्य के कई जिले पिछले दो-तीन महीने से कोरोना जांच किट की कमी से जूझ रहे हैं. इसके कारण पिछले दो-तीन महीनों से कोरोना जांच की रफ्तार में काफी कमी आई है. स्वास्थ्य विभाग के दवारा 8 अक्टूबर को जारी किए एमसीए (चिकित्सा उपभोग्य उपलब्धता) रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 24 जिलों में से 12 (बोकारो, धनबाद, दुमका, गढ़वा, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, सरायकेला और पश्चिमी सिंहभूम) में ट्रूनेट कीट, 6 (बोकारो, धनबाद,पूर्वी सिंहभूम,गढ़वा,गोड्डा और जामताड़ा) जिले में रैपिट एंटीजन किट और पलामू जिले में वीटीएम किट (आरटीपीसीआर) की भारी कमी है.

इनमें बोकारो, धनबाद, गढ़वा, जामताड़ा और खूंटी में ट्रूनेट किट और गोड्डा में एक भी रैपिड एंटीजन किट नहीं बचे हैं. इसके बावजूद, स्वास्थ्य विभाग ने इन जिलों में जांच की रफ्तार को बढ़ाने के लिए जांच किट की व्यवस्था करने के बजाय जांच एजेंसी का चयन किया है, जिसे सरकार प्रति जांच सैंपल पर 250 रुपये का भुगतान करेगी.

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एजेंसी करेगी रोजाना 12 हजार सैंपलो की जांच : भुवनेश प्रताप सिंह

इस संबंध में एनएचएम के प्रभारी अभियान निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य में ट्रनेट, रैट, वीटीएम कीट सहित कई तरह से कोविड के सैंपलों की जांच की जा रही है. इसके साथ हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने जेआईटी नाम की एक एजेंसी का चयन किया है, जो रोजाना 12 हजार सैंपलों की जांच करेगी जिसका खर्च प्रति सैंपल 250 रुपए राज्य सरकार भुगतान करेगी. इसके लिए आम आदमी को कोई पैसे नही देने होंगे. ऐसे में अब जांच किट की जरूरत नहीं पड़ेगी. सैंपलो की जांच कैसी करनी है, इसकी जिम्मेवारी एजेंसी की होगी. हमारी टीम उन जिलों से सैंपल कलेक्ट करके जांच के लिए एजेंसी को देगी, जिन जिलों में जांच कम हो रही है.

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