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Jharkhand : चिन्हित किये जायेंगे किरायेदार और घरेलू नौकर

Chandi Dutta Jha

Ranchi : 15 अगस्त को संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए झारखंड पुलिस एलर्ट है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय द्वारा शहरी क्षेत्रों में किरायेदार और नौकरो के सत्यापन का निर्देश दिया है. राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद आदि जिलों में यूनिवर्सिटी और औद्योगिक क्षेत्र होने से हजारों की तादत में शिक्षा और रोजगार को लेकर बाहरी लोग किराए पर मकान लेकर रहते है. अधिकतर नौकर-किराएदारों का वैरिफिकेशन होता ही नही है. राज्यों में किराए पर रह रहे है, लोगों का पुलिस के पास इनका कोई लेखा-जोखा नहीं है. इसी का नतीजा है कि जब अपराध होते हैं तो पता लगता है कि आरोपी तो वर्षों से क्षेत्र में रह रहे थे.

हाल के दिनों में कई ऐसे अपराधिक घटनों को अंजाम देने वाले अपराधी किरायेदार के रुप में पकड़ाये है. पुलिस मुख्यालय इसको लेकर गंभीर है. कोई अप्रिय घटना ना हो इसे ध्यान में रखते हुए जिस भी व्यक्ति पर शक हो उन तमाम व्यक्तियों की तलाशी के लिये कहा गया है. मुख्यालय के तरफ से जिलों को सख्त हिदायत दी है की वे लोग हाई अलर्ट पर रहें. 15 अगस्त के दौरान कोई भी अनहोनी घटना न हो जाएं. इस संबंध में पुलिस द्वारा नाकाबंदी करके चेकिंग चलाने का भी निर्दश दिया गया है. वहीं होटल, लॉज, धर्मशाला, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पेईँग गेस्ट हाउस एवं एयरपोर्ट पर कड़ी निगरानी रखने और संदिग्ध की जांच पड़ताल करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही रात के समय कोई सस्पेक्ट दिखाई दे तो उससे पूछताछ करने और उसकी जानकारी लेने को कहा गया है.

Sanjeevani

केस स्टडी :  एक

25 जुलाई को झारखंड पुलिस ने एक अपह्रत बीआईटी मेसरा कर्मी को सकुशल मुक्त कराने के साथ ही तीन अपहरणकर्त्ता अनिल कुमार मिश्रा, भोला कुमार और शंकर महतो को गिरफ्तार किया था. अनगड़ा थाना क्षेत्र के राजा थाना गांव अंतर्गत जंगल में नवनिर्मित एस्वेटस के कमरे से अपह्रत सुप्रियो कुमार दास को सकुशल बरामद किया गया था. आरोपी भोला कुमार मूलरुप से बिहार के नालंदा जिला के नगरनौसा थाना क्षेत्र के कोरारी गांव का रहने वाला है. जो बीआईटी मेसरा इलाके में रह रहा था.

केस स्टडी : दो

26 जुलाई को कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले 20 हजार के इनामी आरोपी रणधीर कुमार प्रियदर्शी को देहरादून पुलिस ने रांची से गिरफ्तार किया था. आरोपी रांची में नाम बदलकर अध्यापक का कार्य कर रहा था. आरोपी पर देहरादून स्थित कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोपी एक वर्ष से फरार चल रहा था.

केस स्टडी : तीन

30 जुलाई रांची पुलिस ने सदर इलाके में भारी मात्रा में एके-47 की 295 गोली और दो लाख नगदी के साथ इश्वरी पांडे और प्रितम मिश्रा को गिरफ्तार किया. दोनो आरोपी मूलरुप से बिहार के रहने वाले है. आरोपी प्रीतम कुमार बीआईटी ओपी क्षेत्र स्थित होबई में रहता था. पिस्का मोड़ के समीप गोली लेकर बाइक से बीआईटी स्थित होबई पहुंचा था. बरामद गोली नक्सली को भेजने की तैयारी थी.

कई राज्यों में है वेरिफिकेशन की ऑनलाइन व्यवस्था

गुजरात, जम्मू एंड कश्मीर, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, पंजाब जैसे राज्यों में पुलिस किरायेदारों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन करती है. मकान मालिक को पहले अपने राज्य की पुलिस डिपॉर्टमेंट की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए अपनी डिटेल दर्ज करना होता है. इसमें फोटो, एड्रेस, नाम और डेट ऑफ बर्थ के जरिये रजिस्ट्रेशन कराना होता है. रजिस्ट्रेशन के बाद आपके पास यूजर आइडी और पासवर्ड ई-मेल पर भेजा जाता है. इसके बाद किरायेदार का रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. पुलिस डिपॉर्टमेंट की वेबसाइट पर लॉग इन करने के बाद किरायेदार वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई करना पड़ता है. यहां किरायेदार का नाम, परमानेंट एड्रेस, फोटो, आधार नंबर, पैन कार्ड की डिटेल भरना होता है. इसके बाद आपका किरायेदार का वेरिफिकेशन हो जाता है. इसके लिए मकान मालिक को पुलिस स्टेशन नहीं जाना पड़ता है.

राजस्थान में डोर टू डोर सर्वे की व्यवस्था

राजस्थान में मकान मालिकों के साथ वहां रह रहे किरायेदारों की जानकारी संबंधित थानों में देना जरूरी है. किरायेदारों की संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने एवं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए थानों द्वारा सिविल ड्रेस में निगरानी भी की जाती है. वही राज्य में किरायेदारों की सूचना एकत्रित करने के लिए बीट प्रणाली प्रचलित है. इसके तहत बीट अधिकारी द्वारा किरायेदारों व घरेलू सहायकों की जानकारी लेने के लिए डोर टू डोर सर्वे भी कराया जाता है.

उत्तराखंड में सत्यापन नहीं कराने पर पुलिस लगाती है जुर्माना

उत्तराखंड पुलिस डोर-टू-डोर किरायेदारों का सत्यापन कार्य करती है. सत्यापन नहीं कराने वाले भवन स्वामियों पर जुर्माना भी लगाया जाता है. उत्तराखंड पुलिस के एप पर भौतिक सत्यापन की व्यवस्था है. भवन स्वामी को किरायेदार विकल्प पर जाकर किरायेदार का नाम, पता, पहचान पत्र, फोटो अपलोड कर भवन स्वामी का नाम व पता सबमिट करना पड़ता है. इसके बाद भवन स्वामी को टीएन नंबर मिलता है. इससे सत्यापन की पुष्टि होती है.

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