Ranchi

झारखंडः स्थायीकरण समेत कई मांगों को लेकर 12 हजार अनुबंध स्वास्थ्य कर्मियों की सांकेतिक हड़ताल

 वार्ता असफल होने पर करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल

Ranchi: मनरेगाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ अब सूबे में अनुबंधित पारा मेडिकल कर्मी भी अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल पर चले गए हैं. राज्य में 12 हजार के करीब अनुबंध पारा मेडिकल कर्मी है. अनुबंध पारा मेडिकल अपनी स्थायीकरण तथा अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को सांकेतिक हड़ताल पर हैं.

इस दौरान विभिन्न जिला मुख्यालय में दिन के 11 बजे से दो बजे तक इनलोगों ने अपनी मांगों को लेकर प्रर्दशन भी किया. सांकेतिक हड़ताल के बाद सरकार से वार्ता नही होने की स्थिति में ये कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे.

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संकेतिक हड़ताल पर रहने वालों में एएनएम,जीएनएम,लैब टेक्नीशियन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत कार्यरत चिकित्सक और अनुबंध कर्मी शामिल हैं. झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी संघ के प्रदेश अघ्यक्ष विनय कुमार सिंह ने न्यूजविंग को बताया कि सांकेतिक हड़ताल के जरिये राज्य सरकार तक अपनी उचित मांगों को रखने की कोशिश की जा रही है. इसके बावजूद मांगों पर वार्ता नहीं होने या असफल होने पर 5 अगस्त 2020 से राज्य के सभी स्वास्थ्य विभाग के अनुबंध कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे एवं सभी प्रकार के कार्यों का बहिष्कार करेंगे.

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क्या है मांगें

वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न विभागों व कार्यक्रमों (NHM,NVBDCP,JSACS,NCD,RNTCP) इत्यादि में अनुबंध पर कार्यरत सभी पारा चिकित्सा कर्मियों का सीधा समायोजन/नियमितीकरण पूर्व संचिका संख्या 10 पारा मेडिकल 07/07/2012 रांची दिनांक 30/01/ 2014 के पारा मेडिकल नियमावली की तर्ज पर अविलंब हो.

जब तक स्थाई नहीं किया जाता तबतक समान काम समान वेतन का प्रावधान लागू हो.

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कोविड-19 में लगे पारा चिकित्सा कर्मियों को अन्य राज्य ओडिशा, बिहार, हरियाणा आदि राज्यों की तर्ज पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए.

सभी अनुबंधकर्मियों का EPF/ESI/आयुष्मान भारत का लाभ दिया जाये.

ऑउटसोर्स कर्मियों का बकाया वेतन अभिलंब दी जाये.

कार्य के दौरान अनुबंध कर्मियों की मृत्यु के पश्चात आश्रित को नौकरी और एकमुश्त मुआवजा दिया जाये.

अनुबंध कर्मियों का जिनका पद सृजित ना हो उनका पद अविलंब पद सृजित या समकक्ष पदों पर समायोजित किया जाये.

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