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झारखंड राज्‍य राजस्‍व उप निरीक्षक संघ ने तय किया 10 सूत्री मांग, आंदोलन के लिए बनी नयी कमेटी

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Ranchi : झारखंड सरकार के भू-राजस्‍व कर्मचारी अब नयी ताकत के साथ लडाई  लगा. इसके लिए झारखंड राज्‍य राजस्‍व उप निरीक्षक संघ ने पूरे झारखंड में आंदोलन तेज करने के लिए कमेटी तैयार की है. यह कमेटी भू-राजस्‍व कर्मचारियों के 10 सूत्री मांग भी तय कर लिया है.

झारखंड राज्‍य राजस्‍व उप निरीक्षक संघ की नयी कमेटी में रांची जिला के तपन कुमार चक्रवर्ती मुख्‍य संरक्षक, विजय महतो अध्‍यक्ष के साथ पांच उपाध्‍यक्ष चयन किये गये हैं. कुमार सत्‍यम भारद्वाज महासचिव और पांच सचिव चयन.

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देखिये नयी कमेटी की पूरी सूची :

झारखंड राज्‍य राजस्‍व उप निरीक्षक संघ की 10 सूत्री मांग

  • राजस्‍व उप-निरीक्षकों का ग्रेड पे 2800 रुपये किया जाय.
  •  सरकार द्वारा गठित राज्‍य सेवा संवर्ग में राजस्‍व उप-निरीक्षकों को मूल पद माना गया है, लेकिन शैक्षणिक योग्‍यता को आधार बनाकर प्रोन्‍नती बाधित कर दिया गया है, उसे दूरकर लेखा-लिपिक के कैडर के समान बिना शर्त प्रोन्‍नती देने के लिए आश्‍वयक संशोधन किया जाये.
  •  राज्‍य में नयी बहाली के पूर्व राजस्‍व उप-निरीक्षकों की योग्‍यता स्‍नातक किया जाय
  •  अंचल निरीक्षक के शत-प्रतिशत पदों को प्रोन्‍नती से भरा जाय. पदोन्‍नती से वंचित राजस्‍व उपनिरीक्षकों को प्रोन्‍नत पद का वेतनमान और वित्‍तीय लाभ दिया जाय.
  •  पांच वर्ष सेवावधि पूर्ण करने वाले राजस्‍व उप निरीक्षकों को किसी भी तरह के विभागीय/राज्‍य स्‍तरीय सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाय.
  •  सुचारू रूप से कार्य निष्‍पादन के लिए कंप्‍यूटर, नेट की सुविधा, क्षेत्रीय भ्रमण के लिए मोटरसाइकिल और सुरक्षित जगह पर हल्‍का सह आवास की व्‍यवस्‍था सुनिश्चित कराई जाय.
  •  शहरी अंचलों को छोड. सामान्‍य तौर पर जो अंचल हैं, उनके मुख्‍यालय से हल्‍का मुख्‍यालय की दूरी 3 से 45 किमी तक है. राजस्‍व उप-निरीक्षकों को प्रतिदिन अंचल कार्यालय में आकर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करान संभव और व्‍यवहारिक नहीं है. इस संबंध में सरकार का एक स्‍पष्‍ट दिशा-निर्देश जारी करे.
  •  चिकित्‍सा भत्‍ता के अलावे पूरे परिवार के लिए स्‍वास्‍थ्‍य बीमा उपलब्‍ध करायी जाय.
  •  रेवेन्‍यू जजेज प्रोटेक्‍शन एक्‍ट के तहत आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर इसे लागू किया जाय.
  •  सीपीएफ को बंद कर जीपीए की कटौती एवं पुराना पेंशन व्‍यवस्‍था लागू किया जाय

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