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Jharkhand : जंगलों में लगने वाली आग को रोकने और निगरानी के लिए बनी स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी

Ranchi : जंगलों में लगने वाली आग से पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंचती है. इस दिशा में पहल किये जाने का निर्देश एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (झारखंड) को दिया था. इसके बाद विभाग ने (एनटीजी) को बताया कि उसने पहाड़ी राज्यों में वनों में लगने वाली आग पर राष्ट्रीय कार्य योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिये सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य निगरानी समिति (सीएमसी) गठित की है.

विभाग ने एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि वनों की आग के प्रभाव और उनके प्रबंधन के लिये एक राष्ट्रीय कार्य योजना भी बनाई है. इसे राज्य सरकार को उचित कार्रवाई के लिये भेजा गया है.

वनों में लगने वाली आग पर राष्ट्रीय कार्य योजना के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिये सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य अनुश्रवण समिति गठित की गयी है. मनरेगा योजना से इसका अभिसरण किया जाएगा.

झारखण्ड में इस योजना के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु झारखंड सरकार के द्वारा स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है. गुरुवार को सचिवालय में समिति की बैठक भी हुई.

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वन विभाग के सचिव कमेटी के हेड

कमेटी में अपर मुख्य सचिव एल ख्यांगते, वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (झारखंड) को अध्यक्ष बनाया गया है. इसी तरह जिला स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु डिस्ट्रिक्ट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है. इसके अध्यक्ष भी अपर मुख्य सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन होंगे.

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क्या काम करेगी समिति

इस समिति का कार्य योजनाओं को निर्धारित फ्रेमवर्क के अनुसार लागू एवं अनुश्रवण कराने का होगा. योजना के सुचारू कार्यान्वयन की जिम्मेवारी समिति की होगी. पी.एम.यू. के सहयोग से समिति लाभार्थियों का चयन करेगी.

उनके सहयोग हेतु परियोजनाओं की व्यवहार्यता के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर एस.एल.एम.सी. को अनुशंसा करेगी. भारत सरकार द्वारा निर्धारित आउटपुट एवं आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (ओ.ओ.एम.एफ.) प्रपत्र के अनुरूप समिति एस.एल.एम.सी. के परामर्श के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करेगी.

साथ ही योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी. पी.एम.यू के सहयोग से इस योजना के डैशबोर्ड को संधारित करेगा. योजना कार्यान्वयन में जिला स्तर पर आने वाले मुद्दों को जिला प्रशासन के सहयोग से समाधान किया जायेगा.

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