न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ दुमका ने अपनी मांगों को लेकर मशाल जुलूस निकाला

झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ दुमका ने अपनी मांगों को लेकर मशाल जुलूस निकाला.

284

 Dumka : झारखंड अनुसचिवीय कर्मचारी संघ दुमका ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर मशाल जुलूस निकाला. मशाल जुलूस वीर कुवर सिंह चौक होते हुए सिद्धू कान्हू चौक पहुंचा. वहां सभा का आयोजन किया गया. मशाल जुलूस का नेतृत्व लक्ष्मीकांत, कुंदन कुमार झा, शोभा कुमारी, कंचन कुमारी झा कर रहे थे. जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए.

इसे भी पढ़ेंःमीडिया पर संपूर्ण नियंत्रण का इरादा अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा

महिला कर्मचारियों का मुख्यालय से बाहर पदस्थापन किया जा रहा है

कर्मचारी संघ का कहना है कि कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 15 जून 2016 को जारी की गयी थी. उसके अंतर्गत अब तक लिपिक को प्रोन्नति तक नहीं दी गयी है.  मुख्यालय स्थित मुख्य शाखा में प्रधान लीपिका के पद पर अब तक पदस्थापन नहीं किया गया है. जिससे कार्य में कई समस्या उत्पन हो रही है. महिला कर्मचारियों का मुख्यालय से बाहर पदस्थापन किया जा रहा है जिससे महिला कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है.

संघ ने जिला के पदाधिकारियों पर देर रात तक बैठकर कार्य लिए जाने का भी आरोप लगाया. कहा कि कर्मचारियों के कमी होने के बावजूद दूमका परिसदन में 15 सेवकों की नियुक्ति किये जाने से कार्य प्रभावित हो रहे हैं.

इसे भी पढ़ें-बंद नहीं होगी, बदलेगी एचईसी की तस्वीरः एटॉमिक एनर्जी डिपार्टमेंट करेगा टेकओवर !

 6 और 7 अगस्त को काले बिल्ले लगाकर करेंगे काम

संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर 6 और 7 अगस्त को काले बिल्ले लगाकर कार्य किये जाने की घोषणा की गयी. मांगों के समर्थन में 9 अगस्त को सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की गयी है. संघ की ओर से कहा गया है कि 15 अगस्त  के बाद आपात बैठक बुलाकर चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: