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झारखंड राइफल एसोसिएशन ने JOA के आरोपों का किया खंडन, कहा- बगैर शो कॉज दिये ही मान्यता रद्द करना गलत

Ranchi : पिछले दिनों झारखंड ओलंपिक संघ (JOA) ने झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन की मान्यता समाप्त कर दी थी. इस संबंध में उसकी ओर से राष्ट्रीय राइफल संघ (नयी दिल्ली) सहित सभी जिलों के डीसी, खेल सचिव और निदेशक सहित अन्य को भी सूचित किया था. इसमें 1975 के सर्कुलर का हवाला देते कहा था कि इंडिविजुअल मेंबर किसी खेल संघ में वोटर नहीं हो सकते. झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन ने मार्च-अप्रैल 2013 के बाद से अपने किसी एजीएम के बारे में सूचना भी नहीं दी है. झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन ने इस पर अपना विरोध जताया है.

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जमशेदपुर में एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर सिंह और महासचिव उत्तम आनंद ने मंगलवार को प्रेस क़ॉन्फ्रेंस में कहा कि एसोसिएशन को JOA की ओर से सभी को लेटर लिखा गया पर उन्हें कोई पत्र नहीं दिया गया.

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JOA ने जो पत्र लिखा है, वो तीसरी पार्टी को लिखा है. JOA ने अपने ही मूल संविधान के रूल एंड रेगुलेशन का उल्लंघन किया है. किसी भी संस्था की मान्यता रद्द करने से पहले उसे शो-कॉज देने का प्रावधान है. इसका उल्लंघन JOA ने किया है.

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दिसंबर, 2021 में हो चुका है एजीएम

राइफल एसोसिएशन के मुताबिक 19 दिसंबर, 2021 को उसका एजीएम धनबाद में हो चुका है. इसमें चुनाव प्रक्रिया बड़े ही सौहाद्रपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति के आधार पर उपस्थित सदस्यों के बीच हुई थी. एसोसिएशन की नयी कमिटी 2021 से 2025 के लिए गठित हुई है. यह चौथी गवर्निंग बॉडी है. यह जरूरी नहीं है कि जेओए से किसी पर्यवेक्षक को इलेक्शन प्रक्रिया के दौरान बुलाया जाये.

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अभी उन लोगों ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से ऑब्जर्वर को बुला कर अपना इलेक्शन कराया. इस बार चुनाव में नेशनल एसोसिएशन से सीनियर वाइस प्रेसिडेंट वीके ढाल और सह पर्यवेक्षक अशोक चटर्जी उपस्थित थे.

JOA ने सभी जिलों के डीसी को लेटर लिख कर कहा है कि जमशेदपुर राइफल क्लब, धनबाद राइफल क्लब और देवघर जिला एसोसिएशन द्वारा दिया गया आर्म्स ट्रेनिंग सर्टिफिकेट को मान्यता न दी जाये. सच यह है कि केवल यही तीन क्लब-एसोसिशन ही आर्म्स ट्रेनिंग सर्टिफेकेट दे सकते हैं जो कि आर्म्स रूल 2016 के तहत है.

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क्या कहता है JOA

JOA के महासचिव डॉ मधुकांत पाठक ने राइफल संघ के बयान पर कहा कि JOA ने 1975 के सर्कुलर का पालन करने की बात कही है. उत्तम चंद, दिवाकर सिंह आखिर किस जिले के राइफल एसोसिएशन को रिप्रेजेंट करके आये हैं.

2013 के बाद अगले 4 साल यानी 2017 तक ही राइफल संघ को मान्यता थी. इसके बाद मान्यता भंग हो जाने पर उसके पैरेंट बॉडी को ही सूचित किया गया है.

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