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झारखंड राइफल एसोसिएशन पर लापरवाही से आर्म्स लाइसेंस के लिए सर्टिफिकेट जारी करने का आरोप, JOA ने रद्द की मान्यता

Ranchi : झारखंड राज्य राइफल एसोसिएशन पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसकी ओर से आर्म्स लाइसेंस के लिए गैर जवाबदेह तरीके से सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा. प्रावधानों के मुताबित जिन्हें लाइसेंस की जरूरत होती है, वे संघ के पास खुद के बारे में जानकारी एक एफिडेविट के साथ जमा करते हैं. इसके बाद संघ के द्वारा कम से कम 7 दिनों की शूटिंग प्रैक्टिस करायी जाती है. इसके बाद एक सर्टिफिकेट जारी किया जाता है जिसके आधार पर संबंधित जिला प्रशासन के पास सर्टिफिकेटधारी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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पिछले दिनों देवघर डीसी के यहां एक दिन में 20 से अधिक आवेदन इसके लिए सामने आने पर बवाल मचा. प्रशासन ने खेल निदेशालय, झारखंड सरकार को पत्र लिखा. जानकारी सामने आने पर झारखंड ओलंपिक संघ ने त्वरित कदम उठाया है.

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नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अलावा सभी जिलों के डीसी को गुरुवार को उसने पत्र लिखा. खेल सचिव और निदेशक (झारखंड) को भी कॉपी भेजी है. उन्हें ओलंपिक संघ की तरफ से झारखंड राइफल एसोसिएशन की मान्यता रद्द किये जाने की जानकारी दी है.

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Individual Members का प्रावधान नहीं

झारखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ मधुकांत पाठक ने बताया कि प्रावधानों के अनुसार (F.11-4/74-sp.1 of the GoI, 20-9-1975,शिक्षा एवं समाज कल्याण, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार.) किसी भी संघ में Individual Members बनाये जाने का प्रावधान नहीं है. संघ की तरफ से राज्य के सभी खेल संघों को इस संबंध में निर्देश दिया जाता रहा है. पर इस मामले में राइफल संघ ने शर्तों का उल्लंघन किया है.

राइफल संघ ने अपने यहां नयी कमिटी के चुनाव होने तक पुरानी कमिटी के ही पास असीमित पावर बनाये रखने की बात कही है जो वैधानिक तौर पर मान्य नहीं है.

राइफल संघ ने अपने यहां एजीएम के चुनाव के लिए कभी ऑब्जर्वर की मांग नहीं की है. ऐसे में उसके संदिग्ध और असंवैधानिक आचरण को देखते उसकी मान्यता ओलंपिक संघ से रद्द की जाती है.

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पैसे लेकर जारी हो रहे सर्टिफिकेट

जानकारी के मुताबिक मार्च 2013 के बाद से राइफल एसोसिएशन द्वारा चुनाव नहीं कराये गये हैं. अगर ऐसा होता तो 2017 और 2021 में होने वाले चुनाव में शर्तों के मुताबिक उसे झारखंड ओलंपिक संघ से ऑब्जर्वर की मांग करनी होती जो नहीं की गयी है.

इसके अलावा जो प्रतिभागी शूटिंग प्रैक्टिस के लिए एफिडेविट देते हैं, उनकी गंभीरता से पड़ताल राइफल संघ नहीं कर रहा था. साथ ही बगैर प्रैक्टिस किये ही वह पैसे लेकर सर्टिफिकेट जारी कर देता रहा है.

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