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Jharkhand politics: पूजा पर राजनीति, राजनेताओं में चल रही छींटाकशी

Ranchi: कोरोना के मद्देनजर राज्य सरकार ने रांची में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी. सीएम हेमंत सोरेन की अगुवाई में कोरोना के जारी खतरे को देखते यह फैसला लिया गया था. हालांकि, सीएम खुद जगन्नाथ मंदिर गये थे. मुख्य द्वार के बाहर से ही भगवान के सामने माथा टेका. पूजा की, राज्यवासियों के सुख समृद्धि की कामना की. अब प्रदेश भाजपा ने इसे लेकर फिर से राजनीति शुरू कर दी है. वे हेमंत पर चौतरफा सवाल उठा रहे हैं. उनसे हिन्दू होने या आदिवासी होने पर जवाब मांगने लगे हैं. इससे पहले देवघर में विधायक इरफान अंसारी के बाबा वैद्यनाथ मंदिर में इंट्री पर सांसद निशिकांत दुबे सहित अन्य भाजपा नेताओं ने भी सवाल उठाया था. फिलहाल राज्य में एक बार फिर पूजा पर राजनीति शुरू होती दिख रही है.

भाजपाई सोशल मीडिया पर सीएम से मांग रहे स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया के जरिये कई भाजपा नेताओं ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार सनातन आस्था पर प्रहार करने का एक भी मौका नहीं चूकती है. जब जगन्नाथ पुरी में रथयात्रा कोरोना नियमों का पालन कर निकाली जा सकती है तो यहां क्यों नहीं. छठ हो, दुर्गा पूजा हो या रथ यात्रा, सरकार कोविड नियमों का पालन कर यात्रा की अनुमति देती. इससे कइयों को रोजगार मिलता.

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भाजपा युवा मोर्चा के किसलय तिवारी ने कहा है कि सीएम भोले भाले आदिवासियों को बरगला रहे हैं. तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं. उन्हें यह कहना बंद करना चाहिये कि आदिवासी हिन्दू नहीं हैं.

इससे पूर्व इस साल फरवरी में एक कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा था कि आदिवासी हिन्दू नहीं हैं. उस दौरान भी भाजपा ने उन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि सीएम वेटिकन के हाथों में खेल रहे हैं. भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा था कि सीएम को यह क्लीयर करना चाहिए या सरकार को एक टीम गठित करनी चाहिए जिससे यह साफ हो सके कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं. झारखंड में बड़ी आबादी मुंडा, उरांव और संथाली की है, जो ईसाई बन गए हैं. उसके बारे में सीएम को क्या कहना है. भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस तरह की बातें बताती हैं कि सीएम वेटिकन के हाथों में खेल रहे हैं. हमारे पास संवैधानिक निकाय है. सरना कोड जैसे मुद्दे पर फैसला करने को विधायिका और न्यायपालिका है.

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झामुमो-कांग्रेस का विरोध

झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार के मुताबिक झारखंड में रथयात्रा की इजाजत नहीं मिलने पर बाबूलाल सहित अन्य नेताओं की भावनाएं आहत हुईं. चुटकी लेते हुए कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार है. वहां कोरोना के कारण कांवड़ यात्रा पर ग्रहण लग गया है. ऐसे में क्या एक बार फिर बाबूलाल की भावनाएं आहत होंगी.

कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी के अनुसार जाति और धर्म अलग अलग विषय है. संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की आजादी देता है. सीएम जातिगत तौर पर ट्राइबल ही हैं पर अगर वे मंदिर, मस्जिद, चर्च में पूजा, आऱाधना करने जाते हैं तो ये उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था हो सकती है. वे स्वयं भी मंदिर, मस्जिदों में जाते रहे हैं पर इससे उनकी मूल जाति नहीं बदल गयी. भाजपा नाहक ऐसे विषयों पर प्रलाप कर रही है.

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