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झारखंड : JCECEB की प्रवेश परीक्षाओं में नहीं हो रही फोटोग्राफी, फायदा उठा सकते हैं मुन्नाभाई

Ranchi : झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता पर्षद (JCECEB) द्वारा विगत 25 सितंबर को आयोजित नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी नहीं करायी गयी. जबकि पहले परिषद द्वारा ली जाने वाली हर परीक्षा में अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी कराई जाती थी, ताकि परीक्षा में मुन्नाभाइयों के शामिल होने की आशंका को दरकिनार किया जा सके. बताया जा रहा है कि इस ऑनलाइन परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी नहीं हुई. बता दें कि 25 सितंबर को बोर्ड ने झारखंड के सरकारी नर्सिंग स्कूलों में संचालित एएनएम तथा जीएनएम पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी. इसके अलावा बीएससी नर्सिंग (बेसिक) तथा पोस्ट बेसिक के लिए भी इसी दिन इंट्रेंस एग्जाम लिया गया था ). यह परीक्षा झारखंड के 5 शहरों रांची धनबाद पलामू जमशेदपुर और दुमका में आयोजित की गई थी.

नर्सिंग परीक्षा में नहीं हुई फोटोग्राफी
बता दें कि झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता पर्षद द्वारा आयोजित सभी प्रवेश परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी की व्यवस्था की जाती है, ताकि किसी अभ्यर्थी के बदले कोई दूसरा परीक्षा में नहीं बैठ सके. देशभर में आयोजित कई परीक्षाओं में मुन्नाभाई सरीखी घटनाओं के मिलने के बाद प्रतियोगिता परीक्षाएं आयोजित कराने वाली संस्थाएं परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी की व्यवस्था करती हैं.

पहले होती थी फोटोग्राफी

जेसीईसीईबी द्वारा भी पूर्व में ली गयी परीक्षाओं में फोटोग्राफी की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन पिछली परीक्षा में गुजरात की जिस एजेंसी को फोटोग्राफी का काम दिया गया था, उसके काम से नाखुश होकर परिषद द्वारा उसे हटा दिया गया था. उसकी जगह किसी नयी एजेंसी को नियुक्त नहीं किए जाने के कारण नर्सिंग परीक्षा बिना फोटोग्राफी के आयोजित करनी पड़ी है. भविष्य में जेसीईसीईबी द्वारा कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन किया जाना है. ऐसे में फोटोग्राफी के बिना परीक्षाएं आयोजित कराना गड़बड़ी की आशंकाओं को जन्म देगा.

जेएसएससी जेई में हो चुकी है गड़बड़ी, फिर भी नहीं होती फोटोग्राफी
बता दें कि इसके पहले झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित जूनियर इंजीनियर परीक्षा पर्चा लीक और सेटिंग-गेटिंग के आरोपों के कारण एक बार स्थगित की जा चुकी है. दोबारा आयोग ने फिर इस परीक्षा को लेने के लिए तिथि निर्धारित की है. गड़बड़ियों के आरोप में पिछली एजेंसी को अयोग्य घोषित कर नई एजेंसी से परीक्षा ली जा रही है लेकिन इस परीक्षा में भी अभ्यर्थियों के फोटोग्राफी की कोई व्यवस्था नहीं है. आयोग सिर्फ अभ्यर्थियों के बायोमैट्रिक्स पर भरोसा करता है जबकि बायोमैट्रिक्स के बावजूद ऐसी परीक्षा में धांधली संभव है, यदि शुरुआत में ही आधार नंबर और दूसरी बायोमीट्रिक पहचान बदल दी जाये.

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